
Gwalior High Court Verdict on the 'Creamy Layer' in OBC Reservation(फोटो-Patrika.com)
MP news:मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर चल रहे विवाद को लेकर एक बड़ा नया अपडेट सामने आया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 27 अप्रैल के लिए तय की है। इस दिन 2019 के अध्यादेश से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई होगी। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण (OBC Reservation) बढ़ाने को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं।
बता दें कि, ओबीसी आरक्षण को लेकर विवाद साल 2019 से चलता आ रहा है। इस साल प्रदेश सरकार द्वारा लाए गए एक अध्यादेश में पीजी मेडिकल कोर्स में ओबीसी वर्ग को 14% मिलने वाले आरक्षण को बढ़ाकार 27% करने का आदेश दिया गया था। दिक्कत तब सामने आई जब इस अध्यादेश के कारण कुल आरक्षण 50% के ऊपर चला गया। ये 50 प्रतिशत वाली लिमिट सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई थी। अध्यादेश के आने के बाद छात्रों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने फैसले का विरोध किया था।
मेडिकल एग्जाम नीट पीजी (NEET PG) की तैयारी कर रहे जनरल वर्ग के छात्र हाईकोर्ट पहुंचे। उन्होंने हाई कोर्ट के सामने दलील दी कि नियमों में अचानक हुए इस बदलाव की वजह से उनके साथ अन्याय हुआ है। छात्रों ने तर्क दिया कि ज्यादा सीटें लाने के बावजूद अब उनको सीट मिलने की संभावना कम हो गई है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ओबीसी आरक्षण को बढ़ाने का ये फैसला समानता के अधिकार के खिलाफ है। छात्रों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अध्यादेश के लागू होने पर मार्च 2019 में रोक लगा दी थी।
बता दें कि, यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था। फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने मामले को वापस हाईकोर्ट भेज दिया था। कोर्ट ने कहा था कि इस मामले की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट सही मंच है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि मामले को तीन महीने के अंदर ही निपटा दिया जाए।
इस मामले से जुड़ी कुछ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, इसलिए उन्हें हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए तय याचिकाओं से अलग कर दिया गया है। अब 27 अप्रैल से रेगुलर सुनवाई शुरू होने वाली है। इसे देखते हुए, यह देखना बाकी है कि क्या हाईकोर्ट इस मामले में कोई ऐतिहासिक फैसला सुनाता है, क्योंकि लाखों स्टूडेंट्स का भविष्य इसी फैसले पर टिका है। (MP news)
Updated on:
02 Apr 2026 07:38 pm
Published on:
02 Apr 2026 07:38 pm
