हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सूबे के कई आला अफसरों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

-जवाब दाखिल करने को दी एक महीने की मोहलत

By: Ajay Chaturvedi

Published: 29 Oct 2020, 01:44 PM IST

जबलपुर. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक बड़े व अति महत्वपूर्ण मसले पर सुनवाई के दौरान यथा स्थिति कायम रखने का अंतरिम आदेश पारित करते हुए सूबे के आला अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। सभी अफसरान को अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक महीने की मोहलत मिली है।

प्रकरण कृषि भूमि से जुड़ा है। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता सेंट्रल अकादमी स्कूल, विदिशा निवासी डॉ.प्रेमशंकर शर्मा की ओर से अधिवक्ता शंभूदयाल गुप्ता ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता ने विधिवत रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के माध्यम से 28 मार्च, 2012 को कृषि भूमि खरीदी थी। भूमि के नामांतरण के लिए आवेदन किया गया। तहसीलदार से मामला अनुविभागीय अधिकारी के पास भेज दिया। अनुविभागीय अधिकारी ने कलेक्टर को भेज दिया। कलेक्टर ने आवेदन अस्वीकर कर दिया। उसके बाद अपर आयुक्त के समक्ष अपील की गई। अपर आयुक्त ने भी अपील निरस्त कर दी। परिणामस्वरूप हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यह मामला बेवजह परेशान करने से संबंधित है। प्रशासन एक ईमानदार क्रेता को उसकी कृषि भूमि नामांतरित करने के अधिकार से वंचित कर रहा है। ऐसा नहीं किया जा सकता अत: राहत अपेक्षित है।

बहस के दौरान साफ किया गया कि कृषि भूमि चैना आत्मज कोका अहिरवार को ग्राम ढकना चपना में राज्य शासन द्वारा पट्टे में प्रदान की गई थी, जिसके बाद राजस्व रिकॉर्ड में चैना ने अपना नाम दर्ज करा लिया। शासन ने विधिवत ऋण पुस्तिका बना दी। ऐसे में याचिकाकर्ता ने नियमानुसार कृषि भूमि खरीदी है, जिसका नामांतरण उसके नाम होना चाहिए। हाई कोर्ट ने पूरा मामला समझने के बाद यथास्थिति के निर्देश जारी किए और सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर दिए।

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