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5 वीं, 8 वीं की बोर्ड परीक्षा नहीं! कोर्ट ने सरकार को जारी किया नोटिस

हाईकोर्ट ने शासन से मांगा जवाब, 5 वीं, 8 वीं की बोर्ड परीक्षा को चुनौती

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5 वीं, 8 वीं की बोर्ड परीक्षा को चुनौती

जबलपुर. सरकार के 5वीं और 8वीं की परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर कराने के निर्णय पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. खासतौर पर प्रदेशभर के प्राइवेट स्कूल संचालक इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं. प्राइवेट स्कूल संचालकों का कहना है कि 5वीं, 8वीं की परीक्षाओं में समय कम बचा है और ऐसे में बोर्ड परीक्षा लिए जाने का निर्णय अनुचित है. प्राइवेट स्कूल संचालक चाहते हैं कि प्रदेश सरकार यह निर्णय अगले सत्र तक स्थगित कर दे. अब यह मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है. इस मामले में हाईकोर्ट ने भी सरकार को नोटिस जारी कर उससे जवाब मांगा है.

पांचवीं व आठवीं की इसी सत्र में बोर्ड परीक्षा कराने के राज्य सरकार के निर्देश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले में लगी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी की एकलपीठ ने मध्यप्रदेश शासन से रुख स्पष्ट करने को कहा है। इस मामले में हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 14 नवंबर वाले सप्ताह में होगी।

पांचवीं व आठवीं की बोर्ड परीक्षा कराने के राज्य सरकार के निर्देश को हाईकोर्ट में चुनौती देनेवाली याचिका अशासकीय विद्यालय परिवार जबलपुर ने लगाई है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीपक पंजवानी ने इस मामले में हाईकोर्ट में दलील दी कि आरटीई अधिनियम के नियम विधायिका ने बनाए हैं। राज्य शिक्षा केंद्र ने प्रशासकीय निर्देशों से वैधानिक नियमों का उल्लंघन कर पांचवीं व आठवीं की परीक्षा बोर्ड से कराने का आदेश पारित किया है।

प्राइवेट स्कूलों का साफतौर पर कहना है कि अकादमिक सत्र के बीच में इस तरह का आदेश छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ की परिधि में आने से चुनौती के योग्य है। हाईकोर्ट ने यह तर्क स्वीकार करते हुए मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा है.