10 दिसंबर 2025,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

#contempt petition: हाईकोर्ट ने कलेक्टर की जांच के लिए दी अंतिम मोहलत, सरकार को निर्देश

पूर्व विधायक किशोर समरीते की ओर से दायर अवमानना याचिका में सुनवाई

less than 1 minute read
Google source verification
mp_high_court.png

mp highcourt

जबलपुर। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व न्यायाधीश विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने बालाघाट जिले के तत्कालीन कलेक्टर दीपक आर्य पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप के सम्बंध में सरकार को जांच के लिए अंतिम अवसर दिया है। इस मामले में एक साल पहले उच्च स्तरीय कमेटी से जांच करवाने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन, जांच नहीं हुई। इसके बाद अवमानना याचिका दायर की गई।
यह है मामला
बालाघाट के लांजी से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक किशोर समरीते की ओर से दायर अवमानना याचिका में आरोप था कि बालाघाट जिले के तत्कालीन कलेक्टर दीपक आर्य ने कस्टम मिलिंग व चावल के अवैध कारोबारियों, कान्हा स्थित रिसोर्ट संचालकों, रेत ठेकेदारों, कंस्ट्रक्शन कंपनी से रिश्वत के रूप में महंगे गिफ्ट लिए थे। इसे लेकर उन्होंने केंद्र सरकार से शिकायत की थी।केंद्र सरकार ने कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को निर्देशित किया था। इसकी जांच का जिम्मा राज्य सरकार ने बालाघाट कलेक्टर को सौंप दी थी। तत्कालीन कलेक्टर दीपक आर्य ने खुद पर लगे आरोपों की स्वयं जांच कर क्लीन चीट प्रदान कर दी। इस पर केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को कार्रवाई करने निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मुख्य सचिव ने कार्रवाई नहीं की, तो उन्होने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।