दरअसल आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी परीक्षा 2021 के रिजल्ट में विसंगति को लेकर भोपाल निवासी स्मिता पटेल, सागर निवासी सुरेंद्र कुमार विश्वकर्मा सहित अन्य की ओर से याचिका दायर की गई है। सभी याचिकाकर्ता आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी 2021 में मेरिटोरियस अभ्यर्थी हैं। याचिकाकर्ताओं के मुख्य परीक्षा में अधिक प्राप्तांक हैं, जिससे इनका चयन मुख्य चयन सूची में किया गया। अधिवक्ता विनायक प्रसाद शाह सहित अन्य की ओर से बताया गया कि साक्षात्कार के समय लोक सेवा आयोग द्वारा अवैधानिक रूप से याचिकाकर्ताओं से अभिवचन पत्र पर हस्ताक्षर करवाया गया। इससे इनका मेरिट के आधार पर चयनित होने का संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो गया। 87:13 के फॉर्मूले के चलते ये अभ्यर्थी मेरिट में होने के बावजूद दावा नहीं कर पाएंगे।