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जबलपुर . हाईकोर्ट ने सूचना आयुक्त के आदेश को प्रथमदृष्ट्या विधिसम्मत न पाते हुए रोक लगा दी।न्यायाधीश नंदिता दुबे की एकलपीठ ने सूचना आयोग को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया। याचिका के अनुसार कहा गया कि कटनी निवासी प्रकाश वर्मा ने एसडीएम अमरपाटन सतना के समक्ष सूचना के अधिकार के तहत आवेदन प्रस्तुत कर शरद प्रसाद सोनी का जाति प्रमाण-पत्र मांगा था। एसडीएम अमरपाटन के कार्यालय से यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। जिसके विरुद्ध कलेक्टर सतना के यहां अपील की गई। जिसका कोई परिणाम नहीं निकला। इसके बाद प्रकाश वर्मा ने राज्य सूचना आयोग के समक्ष द्वितीय अपील की। जिस पर संज्ञान लेते हुए सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने एसडीएम केके पांडे पर 16250 रुपए का जुर्माना लगा दिया। जिसके विरुद्ध एसडीएम अमरपाटन केके पांडे ने हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की।
याचिकाकर्ता की ओर से प्रभांशु शुक्ला ने एसडीएम केके पांडे का पक्ष रखते हुये दलील दी कि जिस समय सूचना के अधिकार अंतर्गत आवेदन दिया गया था, उस वक्त पांडे एसडीएम अमरपाटन के पद पर पदस्थ नहीं थे। उनकी पदस्थापना आरटीआई आवेदन के करीब 10 माह बाद हुई। जब सूचना आयोग से उन्हें इस आरटीआई आवेदन के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने पूरा प्रयास किया कि जानकारी आवेदक से प्रकाश वर्मा तक पहुंचाई जाए। लेकिन जाति प्रमाण-पत्र कार्यालयीन अभिलेख में उपलब्ध न होने के कारण से उन्हें उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इस तथ्य को दरकिनार करते हुए सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने मनमाने तरीके से केके पांडे, तत्कालीन एसडीएम अमरपाटन के ऊपर 16250 रुपए का जुर्माना लगा दिया।
Published on:
03 Feb 2023 07:26 pm
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