
lawyers strike
जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को वकीलों के प्रदेशव्यापी न्यायालयीन कार्य से विरत रहने पर स्वत: संज्ञान लेते हुए अधिवक्ताओं को काम पर लौटने का निर्देश दिया। चीफ जस्टिस रवि मलिमठ व जस्टिस विशाल मिश्रा की खंडपीठ ने आदेश में स्पष्ट कहा कि यदि इसका पालन नहीं किया गया तो इसे कोर्ट की अवमानना माना जाएगा। बता दें कि मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद ने तीन दिन के प्रतिवाद दिवस की घोषणा की थी, जिससे राज्यभर के अधिवक्ता गुरुवार से अदालतों में पैरवी के लिए उपस्थित नहीं हो रहे हैं।
अधिवक्ताओं का प्रतिवाद दिवस : स्वत: संज्ञान लेकर हाईकोर्ट ने दिए निर्देश
न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करना गैरकानूनी
हाईकोर्ट के आदेश पर रजिस्ट्रार जनरल ने स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (जबलपुर, इंदौर व ग्वालियर) के अध्यक्ष, हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन जबलपुर के अध्यक्ष सहित प्रदेश के समस्त जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्षों को याचिका का नोटिस भेजा है। राज्य अधिवक्ता परिषद ने सालों पुराने चिह्नित 25 प्रकरणों के तीन माह में निराकरण के आदेश को लेकर प्रतिवाद दिवस बुलाया था। हाईकोर्ट की युगल पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और 2018 के मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि अधिवक्ताओं की जिम्मेदारी उनके पक्षकार के प्रति है, जिसकी वे कोर्ट में पैरवी करते हैं। पक्षकारों का हित और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का कृत्य गैरकानूनी है।
आज भी विरत रहेंगे: भदौरिया
मप्र राज्य अधिवक्ता परिषद अध्यक्ष प्रेम सिंह भदौरिया ने कहा कि शनिवार को अधिवक्ता न्यायालयीन कार्य से विरत रहेंगे। परिषद का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जा रहा है, जहां सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से मुलाकात कर अपनी मांग और समस्या से अवगत कराएंगे।
Published on:
25 Mar 2023 10:27 am
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
