13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शिक्षा जगत का ऐतिहासिक साल, कोरोना ने सबको पास करा दिया

जबलपुर में अब कॉलेज मिलना बना चुनौती, 12वीं के सभी छात्रों के पास होने पर बनी चुनौती

2 min read
Google source verification

जबलपुर। उच्च शिक्षा विभाग में सम्भवत: पहली बार इस तरह की स्थिति निर्मित हुई है, जब जबलपुर जिले के भी सभी छात्र 12वीं उत्तीर्ण कर कॉलेजों की ओर रुख करने जा रहे हैं। ऐसे में कॉलेजों में सभी छात्रों को प्रवेश मिल पाना एक बड़ी चुनौती है। स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए मारामारी होना तय माना जा रहा है। एक अगस्त से उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की है। दरअसल कोरोनाकाल के चलते इस वर्ष सभी छात्रों को पास कर दिया गया है। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्नातक प्रथम वर्ष में सीमित सीट और मैरिट बेस होने से बड़ी संख्या में छात्रों को प्रवेश नहीं मिल सकेगा।
यह रहेगी प्रक्रिया
कॉलेजों में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 12 अगस्त तक चलेगी। इस बार दस्तावेजों के सत्यापन के लिए आवेदकों को सहायता केंद्रों तक नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि दस्तावेजों का ऑनलाइन वैरिफिकेशन किया जाएगा। सत्यापन स्नातक स्तर 2 अगस्त से 14 अगस्त तक चलेगा। प्रथम चरण की सीटों का आवंटन 20 अगस्त को किया जाएगा। इसके बाद छात्रों को ऑनलाइन प्रवेश शुल्क का भुगतान 25 अगस्त तक करना होगा। छात्र-छात्राओं के प्रवेश का दबाव शासकीय होमसाइंस कॉलेज, मानकुंवर बाई कॉलेज, ऑटोनामस साइंस कॉलेज, महाकोशल कॉलेज, शासकीय कॉलेज खमरिया के अलावा शासकीय गल्र्स कॉलेज रांझी में ज्यादा होगा।

कॉलेजों में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्र अपने विषय के अनुसार पसंद के कॉलेज का चयन कर सकते हैं। इस बार पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही संचालित की जा रही है।
-डॉ. रंजना मिश्रा, ओएसडी उच्च शिक्षा

इस बार 12वीं का रिजल्ट अच्छा आया है। ऐसे में कॉलेजों में भी प्रवेश को लेकर भी मुश्किल जाएगी। जिन छात्रों को अच्छे कॉलेजों में प्रवेश नहीं मिलेगा वे प्राइवेट कॉलेजों में जाएंगे।
-डॉ. आभा पांडे, प्राचार्य शा. महाकोशल कॉलेज

कोविड के चलते सभी छात्रों के पास होने से प्रवेश सम्बंधी विषम स्थिति बनी है। कॉलेजों के पास सीमित सीटें हैं। सभी छात्रों का चयन होना सम्भव नहीं होगा।
-डॉ. अखिलेश अयाची, प्राचार्य शा. होमसाइंस कॉलेज

छात्र अपनी रुचि के अनुसार विषयों का चयन करें। रोजागारोन्मुखी पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं, जिसके माध्यम से भी प्रवेश लेकर छात्र कॅरियर बना सकते हैं।
-डॉ. अरुण शुक्ला, नोडल अधिकारी स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना