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HMPV virus ने बढ़ाई चिंता, corona महामारी के बाद भी बच्चों की स्वास्थ्य सुविधाएं भगवन भरोसे

एचएमपीवी वायरस के बच्चों में संक्रमण की खबरों के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं।

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HMPV virus A major risk of respiratory infection in children know the symptoms risks and prevention

HMPV virus A major risk of respiratory infection in children know the symptoms risks and prevention

HMPV virus : महाकोशल, विंध्य, बुंदेलखंड के गंभीर मरीजों के लिए जबलपुर टर्सरी केयर का सेंटर है। स्वास्थ्य सुविधाएं बढऩे के साथ संस्कारधानी मेडिकल हब बनता जा रहा है लेकिन बच्चों को लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं में बहुत पीछे है। कोरोना काल में गंभीर स्थितियां देख चुके शहर में चार साल बाद भी ब‘चों के इलाज के हालात नहीं बदले हैं। अब एचएमपीवी वायरस के बच्चों में संक्रमण की खबरों के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं।

HMPV virus : मेडिकल अस्पताल पर ही निर्भरता

नगर में ब‘चों के गिनती के अस्पताल हैं। उनमें भी अधिकतम बेड क्षमता 40 के लगभग ही है। इन अस्पतालों में वेंटीलेटर भी कम हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल और रानी दुर्गावती अस्पताल में भी ब‘चों के वार्ड हैं। लेकिन, ज्यादा संख्या में मरीज आने पर निर्भरता मेडिकल अस्पताल पर ही है। विशेषज्ञों के अनुसार गम्भीर बीमारियों के इलाज में जबलपुर के अस्पतालों पर 20 से ’यादा जिलों के मरीजों की निर्भरता को देखते हुए यहां ब‘चों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं और बढ़ाने की आवश्यकता है। जिससे की कभी भी इमरजेंसी के हालात बनते हैं तो तत्काल उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो सकें।

HMPV virus : यह है स्थिति

10 के लगभग ब‘चों के अस्पताल
600 बेड हैं ब‘चों के
55-60 वेंटीलेटर
1&0 शिशु रोग विशेषज्ञ
20-25 इंटेंसिटव केयर वाले शिशु रोग विशेषज्ञ

HMPV virus : मेडिकल अस्पताल, जिला अस्पताल, रानी दुर्गावती अस्पताल में ब‘चों को लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा हुआ है। चिकित्सा सुविधाओं का और विस्तार हो इस दिशा में प्रयास जारी हैं।

  • डॉ. संजय मिश्रा, सीएमएचओ

HMPV virus : जबलपुर टर्सरी केयर सेंटर होने को देखते हुए यहां ब‘चों की स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने की आवश्यकता है। जिससे इमरजेंसी स्थिति में संकट का सामना ना
करना पड़े।

  • डॉ. अजय सराफ, शिशु रोग विशेषज्ञ