
holika dahan
जबलपुर। होलिका दहन गुरुवार रात को होगा। दो साल बाद इस बार कोरोना के भय से मुक्त होकर लोग होली का पर्व मनाएंगे। इस बार भद्रा नक्षत्र के चलते भद्रा के पुच्छकाल में होलिका दहन होगा। शुक्रवार को धुरेड़ी पर रंग खेला जाएगा। ज्योतिषाचार्य पंडित जनार्दन शुक्ला के अनुसार 17 मार्च की दोपहर 1.06 बजे से भद्रा नक्षत्र लग जाएगा। यह अर्धरात्रि के बाद 1.02 बजे तक रहेगा।
शहर भर में तैयारियां पूरी
भद्रा के पुच्छकाल में होलिका दहन
मान्यता है कि यदि भद्रा नक्षत्र अर्धरात्रि के बाद तक हो तो भद्रा के पुच्छकाल में होलिका दहन श्रेष्ठ माना जाता है। इस बार भद्रा नक्षत्र का पुच्छकाल रात 9.10 से 10.35 मिनट तक का समय होलिका दहन के लिए श्रेष्ठ है। होलिका दहन पर तीन विशेष योग दग्ध, अमरत्व और गद योग भी बनने जा रहे हैं। होली के दिन गोबर के उपलों या लकडिय़ों से जगह-जगह होली रखी जाती है। जलती हुई होली के चारों ओर लोग परिक्रमा करते हैं। अपने और परिवार के लिए मनोकामना करते हैं। होलिका दहन के दिन जलती होली में गेहूं की बाली को भूनकर खाने की परम्परा भी है। अगले दिन रंगोत्सव पर लोग एक-दूसरे को तिलक लगाएंगे।
इस बार विशेष उल्लास
इस बार होली पर्व पर युवाओं और बच्चों में विशेष हर्षोल्लास है। पर्व पर शहर के गली-मोहल्लों में होलिका-प्रहलाद की बड़ी एवं छोटी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इस वर्ष कोरोना महामारी का संक्रमण, लॉकडाउन व कफ्र्यू का भय नहीं है। इसके चलते पर्व के आयोजन पर ब्रेक नहीं है।
Published on:
17 Mar 2022 03:54 pm
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