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हाईकोर्ट में पेश हुए होमगार्ड डीजी, कोर्ट को बताई ये बात

डीजी होमगाड्र्स वीके सिंह ने हाईकोर्ट को बताया, होमगार्ड जवानों को पुलिस के समान वेतन-सुविधाएं देने का मसला, अवमानना का प्रकरण समाप्त

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neeraj mishra

Dec 21, 2016

MP High court, M P Foundation day

MP High court, M P Foundation day

जबलपुर। डायरेक्टर जनरल होमगाड्र्स वीके सिंह ने बुधवार को मप्र हाईकोर्ट में बताया है कि होमगाड्र्स जवानों को पुलिस के समान वेतनमान व अन्य सुविधाएं देने के सम्बंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन किया जा चुका है। डीजी होमगाड्र्स का जवाब न आने पर कोर्ट ने उन्हें तलब किया था। जस्टिस एसके सेठ की बेंच ने इस पर उनके खिलाफ चल रहा अवमानना का प्रकरण समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।

यह है मामला

होमगार्ड सैनिक एवं परिवार कल्याण संघ सहित 13 अवमानना याचिकाएं इस मसले पर दायर की गई थीं। इनमें कहा गया कि 2 दिसंबर 2011 को मप्र हाईकोर्ट ने एक याचिका का फैसला करते हुए होमगार्ड जवानों को भी पुलिस कर्मियों के समान वेतनमान व अन्य सुविधाएं देने के निर्देश दिए थे। इसके खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। सुको ने सरकार की याचिका खारिज करते हुए मप्र हाईकोर्ट के निर्णय को सही ठहराया था।

सुको ने सरकार को होमगार्ड जवानों के लिए नए नियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद इन जवानों को पुलिस के समान वेतन व सुविधाएं नहीं दी गईं। इस पर ये अवमानना याचिकाएं दायर की गई। पिछली सुनवाई पर बताया गया था कि प्रदेश सरकार इस मसले पर उदासीनता बरत रही है। डीजी की ओर से भी कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया जा रहा है। कोर्ट ने डीजी को कोर्ट में हाजिर होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा था। गत 19 दिसंबर को डीजी सिंह की जगह कोर्ट पहुंचे एडीजी के बाबूराव को कोर्ट ने वापस लौटा दिया था। इस पर बुधवार को डीजी सिंह स्वयं कोर्ट के समक्ष हाजिर हुए।

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