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smartphone selfie लवर्स नदी किनारे ले रहे थे सेल्फी और कैद हो गई मौत की फोटो – जानें पूरा मामला

दोस्तों और परिचितों से सेल्फी में आगे निकलने की होड़ और खुद को साहसिक साबित करने के मकसद से खतरनाक स्थानों पर सेल्फी ले रहे हैं

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how ruin life smartphone selfie

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जबलपुर। एडवेंचर से भरपूर सेल्फी लेने के चक्कर में युवा अपनी जान को भी खतरे में डाल रहे हैं। सेल्फी के कारण शहर में हो रहे हादसों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। पिछले दिनों हुई मौतों ने तो पुलिस और प्रशासन को भी चिंता में डाल दिया है। माता-पिता अपने बच्चों को कम उम्र में मोबाइल फोन दिला दे रहे हैं। इस कारण 15 वर्ष की आयु वाले बच्चे से लेकर 30 वर्ष तक की आयु वाले अधिकतर युवा मोबाइल का उपयोग कर रहे हैं। इन्ही के द्वारा फोन का प्रयोग सेल्फी के लिए किया जाता है। दोस्तों और परिचितों से सेल्फी में आगे निकलने की होड़ और खुद को साहसिक साबित करने के मकसद से खतरनाक स्थानों पर सेल्फी ले रहे हैं।


केस : 1- थाना : भेड़ाघाट
युवक को बचाने डूबी युवती
पुलिस ने बताया कि रांझी के तुहीन कर्माकर (26) गोरखपुर स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत है। इसी कंपनी में त्रिमूर्ति नगर निवासी शुभ्रा अग्रवाल भी काम करती है। दोनों रविवार को कार से शाम 5.30 बजे गुबराघाट गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों बैठे-बैठे मोबाइल से फोटो खींच रहे थे। तुहीन ने खड़े होकर सेल्फी लेने की कोशिश की कि अचानक उसका बैलेंस बिगड़ गया। इस पर शुभ्रा ने उसकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया, लेकिन उसका भी बैलेंस बिगड़ गया। दोनों पानी में गिर गए। गिरते ही उनके हाथ छूट गए।

केस : 2 -थाना : गोरखपुर
घटना : सेल्फी लेने के चक्कर में मदनमहल निवासी ओम नागदेव व उसके साथी 4 मार्च को रामपुर स्थित टावर पर चढ़ गए। टावर अचानक गिर गया। घटना में ओम के साथी जख्मी हो गए, वहीं ओम की उपचार के दौरान मौत हो गई।

केस : 3- थाना : भेड़ाघाट
घटना : लम्हेटाघाट रोड पर चलती बाइक में हेमंत सेक्सेना और उसका साथी लक्ष्मण सेल्फी ले रहे थे। इस दौरान दोनों गिर गए। दोनों को चोटें आईं थीं।
लगातार बढ़ रही लत के कारण
सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर डीपी बनाने के लिए, सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर कमेंट और लाइक्स, दोस्तों के बीच खुद को साहसिक साबित करना।


शहर के डेंजर प्वॉइंट
ग्वारीघाट के सभी घाट, तिलवारा के सभी घाट, तिलवारा का छोटा पुल, तिलवारा का बड़ा पुल, भेड़ाघाट के अधिकतर प्वॉइंट्स, न्यू भेड़ाघाट के अधिकतर प्वॉइंट्स, खंदारी जलाश्य और उसकी दीवार।

ये कोशिश भी खतरनाक
ऊंची इमारतों की छत पर, चलती बाइक या कार में, नाव आदि में बैठकर, ज्यादा ट्रैफिक या भीड़-भाड वाले इलाके, रेलवे ट्रैक के आस-पास।

सेल्फी स्टिक का इस्तेमाल करें
सेल्फी लेने के लिए युवा सेल्फी स्टिक का इस्तेमाल करें। इससे कुछ हद तक लापरवाही को रोका जा सकता है।

किन जगहों पर न ले सेल्फी
- ऊंचाई पर खड़े होकर सेल्फी न लें
- वाले किसी बड़े पत्थर पर चढ़कर न लें
- गाड़ी चलाते वक्त
- रोड पर चलते वक्त
- पार्कों में बने शावर के पास
- बिजली के तारों के आसपास खड़े होकर न लें सेल्फी
- सेल्फी क्लिक करने से पहले एक बार जगह का जायजा कर लें।

जबलपुर में सीन
०१ राइट टाउन एरिया स्थित एक स्कूल। स्कूल छूटने के तुरंत बाद स्कूली बच्चे मोबाइल निकाल कर सड़क पर खड़े होकर सेल्फी लेते नजर आए। सिलसिले इतने में भी इतने मग्न थे कि पीछे से निकल रही गाडिय़ों का भी ध्यान नहीं था। इससे स्टूडेंट्स दुर्घटना की चपेट में आ सकते हैं।
०२ लॉन्ग ड्राइव के शौकीन युवाओं के बीच सेल्फी का क्रेज देखा गया है। गाड़ी रफ्तार में चल रही है और पीछे बैठा व्यक्ति सेल्फी ले रहा है। सेल्फी में गाड़ी चलाने वाला व्यक्ति भी दिखाई दे, एेसी डिमांड रहती है। ऐसे में गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति का बैलेंस बिगड़ सकता है।
०३ कॉलेज की बालकनी में खड़े होकर सेल्फी लेना अक्सर पसंद आता है। ऊंचाई में बैठकर सेल्फी लेने से पिक्चर खूबसूरत आती है। यही वजह से कई युवा ऊंचाई से सेल्फी लेते हैं।