
patrika
जबलपुर. अगले माह से बोर्ड एग्जाम शुरू होने वाले हैं। इस बीच जैसे-जैसे एग्जाम करीब आ रहे हैं, वैसे-वैसे स्टूडेंट्स की टेंशन भी बढ़ती जा रही है। बात यहां सिर्फ स्टूडेंट्स के टेंशन की नहीं, बल्कि पैरेंट्स की टेंशन की भी है। ऐसे में एग्जाम की टेंशन और कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए सिटी स्टूडेंट्स अब तक हेल्पलाइन में काउंसलिंग की राह चुनना पसंद कर रहे हैं। सिर्फ स्टूडेंट ही नहीं, बल्कि पैरेंट्स भी स्टूडेंट्स की एग्जाम टाइम में आने वाली परेशानी के लिए काउंसलर्स से अपनी परेशानी को साझा कर रहे हैं। बोर्ड चाहे एमपी हो या फिर सीबीएसई। हर बोर्ड के स्टूडेंट्स एग्जाम के दौरान चलाई जाने वाली इन हेल्पलाइन पर फोन कर रहे हैं। असर यह है कि हर दिन 100 से 150 फोन इन हेल्पलाइंस में पहुंच रहे हैं।
टेंशन और कन्फ्यूजन से दूरी
हेल्पलाइन नम्बर पर कॉल करने वाले स्टूडेंट्स का कहना है कि एग्जाम के पहले एक्टिव होने वाली हेल्पलाइन में काउंसलर्स द्वारा काफी अच्छे से सलाह दी जाती है। ऐसे में किसी भी तरह की टेंशन होने पर हेल्पलाइन नम्बर पर कॉल करने से टेंशन दूर करने के साथ स्टडी के टिप्स भी मिलते हैं। इसके साथ ही हर तरह के कन्फ्यूजन का सॉल्यूशन भी मिलता है। इन हेल्पलाइन में सिर्फ स्टूडेंट्स ही नहीं, बल्कि पैरेंट्स और स्कूल टीचर्स भी बच्चों और एग्जाम से जुड़ी जानकारी और प्रॉब्लम्स को दूर करने के लिए फोन घुमा रहे हैं।
प्रतिदिन 400 तक कॉल्स
काउंसलर मीना प्रधान का कहना है कि एग्जाम के कई दिनों पहले से हेल्पलाइन एक्टिव हो जाती है, जिसके चलते प्रतिदिन जबलपुर जिले से 80 से 90 कॉल्स आ रहे हैं। एग्जाम पास आते-आते तक इनकी संख्या बढ़कर 200 तक हो जाती है।
इस तरह के सवाल पूछ रहे
- एग्जाम के लिए पूरी प्रिपरेशन कर ली है, लेकिन इसके बाद भी ऐसा लग रहा है कि कोई तैयारी नहीं हुई है।
एग्जाम को लेकर आप नर्वस हैं। स्टडी के साथ मेडिटेशन करना फायदेमंद होगा। इसके साथ ही इस बात को दिमाग से निकाल दीजिए कि कितना पढ़ा है, बस रिवीजन पर फोकस बनाए रखिए।
- मेरे पैरेंट्स मुझे एग्जाम के दौरान घर से बाहर नहीं जाने देते। सोशल मीडिया का एक्टिडेट हूं, फ्री रहने पर यूज करता हूं तो डांट पड़ती है।
पैरेंट्स को इस बात का यकीन दिलाइए कि आपकी स्टडी अच्छी चल रही है। एग्जाम के टाइम में सोशल मीडिया से दूरी ही बेहतर होती है। रिफ्रैशमेंट के लिए दोस्तों से फोन पर बातें की जा सकती है।
- मेरे बेटे ने बार-बार कहने पर साइंस सब्जेक्ट लिया है, लेकिन उसकी स्कोरिंग को लेकर अब डर लग रहा है।
सबसे पहले तो फोर्सली किसी सब्जेक्ट का चुनाव आपको नहीं करवाना था। अब देखना होगा कि वह खुद को कितना प्रूफ कर सकता है। स्कोरिंग के लिए उसे सिर्फ मोटिवेट किया जा सकता है।
Published on:
06 Feb 2020 06:30 pm

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