मानवाधिकार आयोग ने इस अधिकारी को लगाई फटकार, वारंट भी कर दिया जारी

मानवाधिकार आयोग ने इस अधिकारी को लगाई फटकार, वारंट भी कर दिया जारी

 

By: Lalit kostha

Published: 30 Jan 2021, 01:10 PM IST

जबलपुर। मप्र मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार जैन ने नगर निगम, जबलपुर के आयुक्त अनूप कुमार को 25 फरवरी 2021 को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए। दो मामलों में कई स्मरण पत्र देने के बावजूद अब तक प्रतिवेदन न भेजने के कारण आयुक्त को उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के लिये कहा गया है।

दो मामलों में कारण बताओ नोटिस और 5-5 हजार रुपए के जमानती वारंट भी जारी
निगमायुक्त को मानवाधिकार आयोग के समक्ष हाजिर होने के निर्देश

साफ-सफाई नहीं होने की की थी शिकायत
शिकायतकर्ता कैलाश दुबे ने नगर निगम क्षेत्र में साफ-सफाई नहीं होने से डेंगू जैसी जानलेवा बीमारियां फैलने की आशंका व्यक्त कर शिकायत की थी। आयोग ने आयुक्त से 20 दिसम्बर 2019 तक प्रतिवेदन मांगा था। 11 नवम्बर 2020 को आयुक्त को नामजद स्मरण पत्र जारी कर 16 दिसम्बर 2020 तक प्रतिवेदन देने अन्यथा 16 दिसम्बर 2020 को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया गया था। उनके द्वारा न तो प्रतिवेदन दिया गया, न ही आयोग के समक्ष उपस्थित हुए। इस पर आयोग द्वारा अब 25 फरवरी 2021 को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए नोटिस एवं पांच हजार रुपए का जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।

 

jmc.jpg

कारण बताओ नोटिस
आयोग ने आयुक्त को दोनों मामलों में कारण बताओ नोटिस एवं पांच-पांच हजार रुपए का जमानती गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है। नोटिस व वारंट की तामीली पुलिस अधीक्षक, जबलपुर के माध्यम से कराने के लिए आयोग ने 28 जनवरी को ही पत्र भेज दिया है। प्रकरणों के अनुसार एक मामले में शिकायतकर्ता जेडी कबीरपंथी ने नगर निगम, जबलपुर द्वारा बिना पूर्व सूचना एवं बिना पर्याप्त कारण के धन्वन्तरी नगर जबलपुर स्थित एचआइजी ‘ए’ मकानों के रैम्प, कन्जरवैंसी, सीवर चेम्बर तथा वाटर लाइन, कनेक्शनों को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिए जाने के विरुद्ध आयोग को शिकायत की थी।

शिकायत पर आयोग द्वारा आयुक्त, नगर निगम, जबलपुर से प्रथमत: 23 अक्टूबर 2019 तक प्रतिवेदन मांगा था। इसके बाद कई स्मरण पत्र देने के बाद 23 अक्टूबर 2020 को आयुक्त, नगर निगम, जबलपुर अनूप कुमार को नामजद स्मरण पत्र जारी कर 16 दिसम्बर 2020 तक प्रतिवेदन देने अन्यथा 16 दिसम्बर 2020 को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया गया था। उनके द्वारा न तो प्रतिवेदन दिया गया, न ही आयोग के समक्ष उपस्थित हुए। इस पर आयोग ने अब 25 फरवरी 2021 को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए नोटिस एवं पांच हजार रुपए का जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया।

Show More
Lalit kostha Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned