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काउंटर और बिक्री डबल, अब खूब छलकने लगे जाम

शराब पीने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रदेश की नई आबकारी नीति में कंपोजिट सिस्टम लागू हो चुका है। ऐसे में जिले की प्रत्येक शराब दुकान में अब एक की जगह दो काउंटर खुल गए हैं। एक प्रकार दुकानें दोगुनी हो गई हैं। ऐसे में शराब की खपत बढ़ना स्वभाविक है। बीते फरवरी और अप्रैल माह की तुलना करें तो इसमें करीब 7 लाख 70 हजार प्रूफ लीटर का इजाफा हो गया है। आय में पिछले साल की तुलना में बढ़ोत्तरी हुई है, लेकिन फरवरी की तुलना में थोड़ी कमी आई है।

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liquor shop

jabalpur.The number of people who drink alcohol is increasing continuously. Composite system has been implemented in the new excise policy of the np state.

जबलपुर@ ज्ञानी रजक. जिले में 143 शराब की दुकानें हैं। इनमें 92 देशी तो 51 विदेशी शराब की दुकानें हैं। लेकिन नई शराब नीति के कारण अब एक ही दुकान में अंग्रेजी और देशी दोनों तरह की शराबों का विक्रय होने लगा है। ऐेसे में प्रत्येक दुकान पर भारी भीड़ लग रही है। शराब पीने वालों को अब एक ही जगह दोनों तरह के विकल्प मिल गए है। ऐसे में न केवल खपत बढ़ी है बल्कि आबकारी विभाग का राजस्व भी लगातार बढ़ रहा है। इस बार दुकानों के स्थान में भी परिवर्तन हुआ है। इनका खूब विरोध भी हुआ।

देशी की खपत विदेशी से ज्यादा

शराब बिक्री में विदेशी की जगह देशी की खपत ज्यादा है। सूत्रों ने बताया कि अभी की िस्थति में जितनी मांग देशी शराब की है, उतनी आपूर्ति भंडारगृह से नहीं हो पाती है। खुद आबकारी विभाग भी सप्लायर की मांग को लेकर पत्र लिख चुका है। यदि अकेले अप्रैल माह की बात करें तो देशी शराब के रूप में मसाला और प्लेन मिलाकर 4 लाख 55 हजार 529 प्रूफ लीटर शराब की बिक्री हुई तो अंग्रेजी शराब की खपत लगभग 3 लाख 76 हजार 740 प्रूफ लीटर रही। इसमें भी बीयर की बिक्री लगभग आधी रहती है। गर्मियाें के दिनों में इसमें इजाफा हो जाता है। इसी प्रकार शादी समारोह भी अधिक होने पर मांग में अंतर आता है।
दुकानों के साथ कालाबाजारी भी
दुकानों के साथ-साथ जिले में शराब माफिया भी सक्रिय हैं। वे शराब को घर तक पहुंचाने का काम करते हैं। ऐसे में कई बार इसका आंकड़ा सामने नहीं आता है। यहां तक कि वे शासकीय दुकान की बिक्री तक प्रभावित करते है। इस प्रवृत्ति पर अभी तक आबकारी विभाग रोक नहीं लगा सका है।

इस तरह हो रही शराब की खपत

फरवरी--2022

खपत- 832269
आय- 599725682

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मार्च 2022

खपत- 860213
आय- 797404170

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अप्रैल 2022

खपत-1601886
आय- 641865673

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फरवरी--2021

खपत- 757233

आय- 574133596

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मार्च 2021

खपत- 989830

आय- 702725051

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अप्रैल 2021

खपत-429255

आय- 372493656

नोट::खपत प्रूफ लीटर में।
वर्जन.......
शराब की खपत में वृदि्ध हुई है। कंपोजिट दुकान होने का इस पर असर है। साथ ही अभी शादियों का सीजन चल रहा है। ऐसे में मांग बढ़ती है। वहीं गर्मियों में बीयर की खपत भी दोगुनी हो जाती है।

रविंद्र मानिकपुरी, सहायक आयुक्त आबकारी

एमआरपी से ज्यादा पर बिक रही शराब
शहर की कुछ शराब दुकानों में ग्राहकों को एमआरपी से ज्यादा कीमत पर शराब की बिक्री की जा रही है। ग्राहकों की कायत पर मंगलवार को आबकारी विभाग ने दुकानों की जांच की। सहायक आयुक्त रविंद्र मानिकपुरी ने भी दुकानों में जाकर खरीदी और बिक्री रजिस्टर की जांच की। वे सदर और गोरखपुर गए। इस दौरान अनियमितता पाई गई। उन्होंने लाइसेंसी को नोटिस देकर जवाब देने के लिए के निर्देश जारी किए हैं।