पत्रिका टॉक शो: समाजसेवी और उद्यमी महिलाओं ने रखी महिला सशक्तिकरण अपनी बात
जबलपुर। महिला सशक्तिकरण की बात अब केवल नारों तक सीमित नहीं रह गई है। बल्कि ये आम महिला को भी समझ आने लगी है। शहर में ऐसी दर्जनों महिलाएं इस बात का उदाहरण हैं जो स्वयं के साथ दूसरों की भी प्रेरणा बनकर आगे आई हैं। महिलाओं दूसरों की अपेक्षा स्वयं पर ज्यादा विश्वास करने की जरूरत है। तभी वह अपनी मंजिल में बुलंदी के साथ खड़ी रह सकती है। ये बात पत्रिका के स्थापना दिवस पर आयोजित टॉक शो में समाजसेवी एवं महिला उद्यमी पारुल अग्रवाल ने कही।
दे रहीं एक दूसरे का साथ
विजय नगर में आयोजित टॉक शो में ऊर्जा महिला संगठन, गहोई महिला मंडल सहित उद्यमी महिलाएं शामिल हुईं। शो की शुरुआत अंकिता गुप्ता ने महिला सशक्तिकरण की कविता सुनाकर किया। वसुंधरा अग्रवाल, सिन्नी अग्रवाल, शैली अरोरा ने जबलपुर में महिला उद्यमी, उत्थान और उद्योग क्षेत्र में योगदान पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया यहां की महिलाएं अब एक दूसरे का हाथ पकडकऱ निरंतर आगे बढ़ रही हैं। व्यवसायी बनने के लिए उन्हें हर संभव मदद भी दे रही हैं।
वुमन ग्रुप निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका
ऊर्जा महिला संगठन सचिव काजल तलरेजा ने बताया कि शहर में वुमन ग्रुप के माध्यम से गृह उद्योग, बिजनेस या फिर स्टार्टअप करने वाली युवतियों, महिलाओं को आगे बढऩे में मदद कर रहे हैं। सोशल मीडिया और मेले आदि लगाकर उन्हें बाजार व मंच उपलब्ध कराने का काम भी महिलाएं कर रही हैं। रागिनी अग्रवाल, दीपाली, पूूनम तेजवानी, चित्रांगना ने कहा शहर में उपलब्ध संसाधनों, सुविधाओं व विकास कार्यों में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया।
सोच बदलने की जरूरत, हम स्वयं सक्षम
मनोवैज्ञानी रचना सिंह ने कहा महिलाओं को सोच बदलने की जरूरत है। वे जब तक स्वयं को दूसरों पर निर्भर या आश्रित मानती रहेंगी, आगे नहीं बढ़ सकतीं। हम स्वयं सक्षम हैं और जो सोचें वो कर सकती हैं पर ध्यान दें तो उन्हें आगे बढऩे से कोई नहीं रोक सकता। राठी पहारिया, नीलिमा देशपांडे, दिव्या दिवाकर, हर्षा सलूजा समेत अन्य समाजसेवी महिलाओं ने अपने टॉक शो में अपने विचार रखे।