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जबलपुर. चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मनों को दहलाने के लिए देश में तैयारियां लगातार चल रहीं हैं। तकनीकी खामियों के कारण लम्बे समय से बंद 40 एमएम एल-70 एंटी एयरक्राफ्ट बम का उत्पादन आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके) में फिर शुरू होगा। बंद हुए बम उत्पादन के बाद विकसित रूप में फिर तैयार किया जा रहा हैं। इस बम का यह इम्पू्रव वर्जन होगा। सितम्बर तक इसका ट्रायल शुरू किया जाएगा।
बंद हुए बम उत्पादन के बाद फिर विकसित रूप में किया जा रहा तैयार
बड़ी बात यह है कि तमाम देशों की बजाय फैक्ट्री इसे स्वदेशी तकनीक से विकसित कर रही है। अगले महीने इसका ट्रायल भी शुरू हो सकता है। इसकी मारक क्षमता 12 किलोमीटर से ज्यादा है। कुछ समय पहले इसके बड़े लॉट में तकनीकी खामी आने पर सेना ने इसे वापस कर दिया था।
ओएफके का एक प्रमुख उत्पाद है ये बम
यह ओएफके का एक प्रमुख उत्पाद है। इसे स्वीडन की कम्पनी के साथ विकसित करने की चर्चा भी चली थी, हालांकि इस सम्बंध में आगे कुछ नहीं हुो सका।
अब बनेगा अपग्रेड एंटी एयरक्राफ्ट बम
इस उत्पाद के बंद होने से फैक्ट्री को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अभी तक इसमें 1960 की तकनीक इस्तेमाल की जा रही थी। अब प्राइमर एवं फ्यूज में बदलाव किया जा रहा है। फ्यूज नेमो कम्पनी से लिया जा रहा है।
ट्रायल अगले माह से
ओएफके के एजीएम एके ठाकुर भी इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि ये बम फिर से तैयार किया जाएगा। एजीएम ठाकुर के अनुसार 40 एमएम एल-70 बम का इम्पू्रव वर्जन तैयार किया जा रहा है। सितम्बर तक इसका ट्रायल शुरू किया जाएगा।
फैक्ट फाइल- ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया 40 एमएम एल-70 एंटी एयरक्राफ्ट बम
- एयरक्राफ्ट को निशाना बनाने में सक्षम।
- चार राउंड प्रति सेकेंड फायर क्षमता।
- 12,600 मीटर की दूरी तक निशाना।
- 2.4 व 2.5 किलोग्राम एक बम का वजन।
Published on:
29 Aug 2018 09:54 am

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