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चीन बॉर्डर के लिए हजारों सैनिक रवाना, इस शहर से गई स्पेशल ट्रेन-देखें पत्रिका बुलेटिन 17 जुलाई  2017

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Lalit Kumar Kosta

Jul 17, 2017

indian army ready to china border

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जबलपुर। मध्यभारत की सबसे बड़ी सैन्य छावनी जबलपुर में है। यहां एक दर्जन से अधिक सेना की कंपनियों के हेडक्वार्टर मौजूद हैं। यहीं नहीं यहां आयुध निर्माणियां भी अन्य जिलों की अपेक्षा ज्यादा है। पिछले दो दिनों से इस शहर में सैन्य हलचल तेज हो गई है। यहां स्टेशनों पर सैनिकों की रवानगी बड़ी संख्या में हो रही है। संभवत: ये सभी सैनिक उत्तर भारत की ओर भेजे जा रहे हैं। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। सोमवार को मदन महल स्टेशन से एक सैन्य कोच वाली ट्रेन रवाना हुई। यह ट्रेन लोगों के बीच कोतुहल का विषय बनी रही। ये विशेष ट्रेन केवल सेना के लिए थी। जिसे देखने के लिए लोग रोमांचित भी थे। सूत्रों की मानें तो चीन सीमा पर बढ़ रहे दबाव और प्रधानमंत्री द्वारा डटे रहने की बात के बाद वहां सेना तैनात की जा रही है। वहीं हर परिस्थिति से निपटने के लिए सेना को तैयार किया जा रहा है। ताकि वक्त पडऩे पर तत्काल सैनिक मोर्चे पर भेजे जा सकें।
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भोर की पहली किरण के साथ ही शिव भक्तों का जत्था ग्वारीघाट पहुंचने लगा था। बोल बम का जयकारा लगाते हुए कांवडिये एक कांवड़ में नर्मदा जल और दूसरे में पौधा रखकर समर्थं भैयाजी सरकार के सान्निध्य में कैलाशधाम की ओर चल पड़े। सोमवार को कांवडियों का रेला देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। विश्व की ये पहली और अनोखी कांवड़ यात्रा है जिसमे शिव भक्त नर्मंदा जल के साथ पौधे लेकर चलते है। समर्थं भैयाजी सरकार के अनुसार ये शिव प्रकृति का संदेह देना है। लोगों को जागरूक कर नदी तालाबों और पेड़ों को बचाना है। यही सच्ची शिव पूजा है। सातवीं संस्कार कांवड़ यात्रा का शुभारंभ उमाघाट पर धर्मंसभा से हुआ।
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संस्कारधानी की संस्कारवान प्रजा का हाल जानने देवाधिदेव महादेव शाही सवारी में धूमधाम से नगर भ्रमण पर निकले हैं। खास बात ये रही की पहली बार महादेव को शहर भ्रमण करने महिलाओं ने पालकी अपने कांधों पर राखी जो की जनाकर्षण का केंद्र रहीं। सुबह कांवडिय़ों ने जहां बम भोले का जयकारा लगाकर लोगों को शिव भक्ति में खो जाने मजबूर कर दिया, वहीं शाही सवारी में विराजमान गुप्तेश्वर महादेव के दर्शनों को जनमानस उमड़ पड़ा है। हर तरफ भोले बाबा के जयकारे गूंजाएमान हो रहे हैं। सावन माह के दूसरे सोमवार के अवसर पर संस्कारधानी शिवमय हो गई है।
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कलेक्टर परिसर में समय-सीमा बैठक में बारिश नहीं होने की स्थिति पर चिंता जताई गई कलेक्टर द्वारा कहा गया कि पिछले साल के मुकाबले इस समय तक अभी लगभग 50 फीसदी बारिश हो सकती है इसलिए कृषि अधिकारी स्थितियों पर नजर रखें। वहीं बोनी भी लगभग 46 प्रतिशत हो सकी है धान का रोपा नहीं लग पा रहा है। इसी तरह शासकीय विभागों के दौरान जीएसटी के नियमों पर भी चर्चा की गई किस तरह से टीडीएस काटना है जीएसटी के अंतर्गत क्या नए नियम है इन सब जानकारियों को बैठक में रखा गया।