भारतीय सुरक्षा की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगा ये सिस्टम

-भारतीय सेना की रणनीति का पता भी नहीं लगा पाएगी दुश्मन राष्ट्र की सेनाएं
-जबलपुर में शुरू हुआ इस नई तकनीक का प्रशिक्षण

By: Ajay Chaturvedi

Published: 23 Feb 2021, 12:28 PM IST

जबलपुर. नित नई तकनीक से लैस हो रही भारतीय सेना के साथ एक और नई तकनीक जुड़ने जा रही है। यह नई तकनीक बिल्कुल ही अलहदा है। इससे भारतीय सेना के जवान क्या रणनीति बना रहे हैं और वो किस तरह से दुश्मन राष्ट्र की सेना की घेरेबंदी करने वाले इसका थाह लगाना एक तरह से मुश्किल होगा। ये बेहद आधुनिक तकनीक है जिसका इस्तेमाल बहुत जल्द भारतीय सेना करने लगेगी। इसके लिए देश के चुनिंदा सेन्य अफसरों का प्रशिक्षण मंगलवार से जबलपुर में शुरू हो गया है।

बता दें कि भारतीय सेना अब तक ऑप्टिकल फाइबर टेक्नोलॉजी पर काम कर रही थी। लेकिन अब बहुत जल्द देश की सेना को जल्द माइक्रो वेव सिस्टम मिलने जा रहा है। इसी माइक्रो वेव सिस्टम से भारतीय सेना के उच्च पदाधिकारियो को प्रशिक्षित करने के लिए जबलपुर में प्रशिक्षण शुरू हो गया है। इस नए माइक्रोवेव तकनीक के मार्फत जवान आपस में रणनीतिक बातचीत तो करेंगे लेकिन उनकी ये बातें, उनकी आवाज दुश्मन तक नहीं पहुंच पाएगी। दुश्मन राष्ट्र की सेना का भनक तक नहीं लगने पाएगी कि भारतीय सेना की क्या रणनीति है और वह किस तरह से उनकी नाकेबंदी करने जा रही है। फिलहाल भारत की पाकिस्तान और चीन से लगी सीमाओं पर यह कम्यूनिकेशऩ सिस्टम काम करना शुरू कर देगा।

I-T BORDER POLICE

यह प्रशिक्षण जबलपुर के भीमराव अम्बेडकर इंस्टिट्यूट ऑफ टेलीकॉम ट्रेनिंग में शुरू हो गया है। इसमें सर्वप्रथम आईटीबीपी को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस नई तकनीक की जानकारी हासिल करने के बाद भारतीय सेना के अफसरों की बातचीत बेहद गोपनीय हो जाएगी। सेना की रणनीति के बारे में किसी को भनक भी नहीं लग सकेगी। इसके तहत ऑप्टिकल फाइबर और मोबाइल कम्युनिकेशन सिस्टम को माइक्रोवेव के रूप में बदल दिया जाएगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि माइक्रोवेव के जरिए होने वाले कम्युनिकेशन को किसी भी हाल पर ट्रैक करना असंभव है।

Ajay Chaturvedi
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