
जबलपुर। माल ढुलाई के लिए कॉर्पोरेट स्टाइल में काम करते हुए पश्चिम मध्य रेल (पमरे) लगातार कारोबारियों को सडक़ परिवहन के बजाय ट्रेन से माल परिवहन के लिए आकर्षित कर रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को जोन में पहली कार्गो निर्यात एक्सप्रेस दौड़ी। यह ट्रेन सूती धागे और कपड़ों की खेप लेकर मंडीदीप (भोपाल इंडस्ट्रियल हब) से बेनापोल (बांग्लादेश) के लिए रवाना हुई।
पार्सल सुविधा को लेकर पमरे के नए प्रयासों और सामान की जल्द डिलेवरी के लिए पमरे से गुड्स ट्रेनों के पहिए पड़ोसी देश तक घूम रहे हैं। इससे रेलवे के राजस्व में भी वृद्धि हो रही है।
23 वीपीयू का पूरा रैक
पमरे की पहली निर्यात कार्गों एक्सप्रेस में 550 टन सूती धागे, कपड़े और एफएमसीजी प्रोडक्ट का 23 वीपीयू का पूरा रैक लोड किया गया है। इस सिंगल्स रैक और पार्टी मेसर्स एमजीएक्स से रेलवे को 29 लाख रुपए से ज्यादा आय हुई है। इस कम्पनी ने मासिक आधार पर 4 से 5 रैक लोड करने और व्यापार बढ़ाने की बात भी कही है।
जबलपुर से बांग्लादेश गई थी गुड्स ट्रेन
पमरे से बांग्लादेश के लिए पिछले साल नवंबर माह में भी एक गुड्स ट्रेन दौड़ी थी। जबलपुर रेल मंडल के पनागर स्टेशन के पास रेपुरा स्टील फैक्ट्री से आयरन और टावर के उपकरण लेकर 24 डिब्बों का एक गुड्स रैक बांग्लादेश तक गया था। इसके साथ ही पमरे ने इंटरनेशल ट्रांसपोर्टेशन में कदम रखे थे। अब पहली बार कार्गो लेकर ट्रेन बांग्लादेश के लिए रवाना हुई है।
Published on:
01 Sept 2021 07:45 pm
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