
National Law University
जबलपुर। मप्र का एक शहर जिसे संस्कारों के चलते नाम मिला संस्कारधानी। यहां की शिक्षा पहले से ही बहुत अच्छी मानी गई, लेकिन राजनीतिक रसूख के चलते लोग यहां से दूर होते चले गए। हालांकि पिछले एक दशक में यहां के हालात बहुत बदल गए हैं। जो लोग दूसरे प्रदेशों में अच्छी पढ़ाई के लिए चले जाते थे, वे अब जबलपुर वापस आने लगे हैं। क्योंकि एक एक कर यहां कई राष्ट्रीय स्तर की यूनिवर्सिटी खुलने लगी हैं।
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वर्तमान में रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी, मेडिकल यूनिवर्सिटी, एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, वेटरनरी यूनिवर्सिटी मौजूद हैं, अब इनमें एक और नाम जुडऩे जा रहा है नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का। जिसके लिए हाईकोर्ट के जजों द्वारा जमीन लगभग फाइनल कर ली गई है। उम्मीद है कि यूनिवर्सिटी का काम बहुत जल्द शुरू हो जाएगा। इससे जहां कानून की पढ़ाई करने वालों को सुविधा होगी, वहीं दूसरे प्रदेशों से भी आकर यहां पढ़ाई कर सकेंगे। जिसका सीधा फायदा शहरवासियों को मिलेगा।
प्रदेश की दूसरी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी कुंडम रोड से लगे ग्राम पिपरिया में 50 एकड़ शासकीय जमीन पर स्थापित की जाएगी। उच्च न्यायालय के जस्टिस आरएस झा व शासन, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने तीन प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण करने के बाद पिपरिया (खमरिया) में उपलब्ध भूमि को नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के लिए उपयुक्त माना है। यूनिवर्सिटी के लिए पिपरिया की जमीन को अंतिम रूप से चिन्हित कर लिए जाने के बाद जिला प्रशासन ने भी उच्च शिक्षा विभाग को इसके हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने पटवारी हल्का नंबर 42 स्थित सर्वे नम्बर 294/1, 294/2 एवं 294/3 की करीब 50 एकड़ भूमि पर उन व्यक्तियों से जिन्हें यूनिवर्सिटी के लिए भूमि के उपयोग पर आपत्ति हो 8 फरवरी तक न्यायालय अपर कलेक्टर प्रथम में अपनी आपत्ति दर्ज कराने कहा गया है।
Published on:
22 Jan 2018 10:41 am
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