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मजदूरों के पलायन के लिए उद्योगपति भी जिम्मेदार

यदि उद्योगपति अपनी भूमिका निभाते तो 70 फीसदी नहीं जाते अपने घर, प्रवासी श्रमिकों पर हुआ दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार

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Industrialists are also responsible for the exodus of workers

Industrialists are also responsible for the exodus of workers

जबलपुर।
प्रवासी श्रमिकों को लेकर मध्यांचल सोशियोलॉजिकल सोसायटी द्वारा राष्ट्रीय ऑनलाइन सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में देश के विभिन्न हिस्सों से विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। वेब सेमिनार का शुभारंभ डा. महेश शुक्ला रीवा ने किया। संयोजक डॉ.धु्रव दीक्षित ने बताया कि आज भारत मे कोरोना से भी बड़ी समस्या प्रवासी मज़दूरों को सुरक्षित रूप से उनके घर तक पहुचाने की हो गई है । जीवन की निराशा में डूबे श्रमिक अपने परिवार के साथ जीना चाहने के लिए सडक़ पर आ गए हैं। लगभग 40 करोड़ मज़दूरों के सामने रोजग़ार का संकट आ गया है। 20 से 30 करोड़ प्रवासी श्रमिकों के अपने कार्यक्षेत्र से अपने घर की ओर पलायन में उधोगपति भी जिम्मेदार हैं, यदि उद्योग पति मुखिया की भूमिका निभाते तो 70 से 80 प्रतिशत प्रवासी मज़दूर घर वापसी नही करते। 70 साल में सरकार ने इनका पंजीकरण ही नहीं किया, ना ही इनके लिए कोई कारगर योजना बनाई। वेब सेमिानरार में 55 प्रतिभागियो ने आन लाइन भाग लिया।
सतना के सुरेश राय ने प्रवास के विविध कारण बताते हुए कहा कि वास्तव में अपनी आवश्कता पूरी ना होने के कारण ही मनुष्य प्रवास करता है। डॉ.अलकेश चतुर्वेदी जबलपुर ने कहा कि भारत के लोग तो सूरीनाम, वेस्टइंडीज, मलाया, आदि जगहों में काम के लिए गए हैं जिन्हें गिरमिटिया कहा जाता है। बनारस के बंशीधर पांडे ने कहा कि सरकार को इनके पबंधन के साथ इनके पुनर्वास की नीति भी बनानी होगी। आज इनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता को जुडऩा जरूरी है । आनन्द गुजरात के प्रोफेसर रमेश मकवाना ने कहा सरकार को एक हेल्पलाइन नंबर देना था प्रवासी मज़दूरों को। बीपीएल, एपीएल कार्ड धारक को 1000 रुपये दवाई , खाना देने की 25 मार्च से व्यवस्था करनी थी जिससे ये अपने कायक्षेत्र में ही रहते। गजानन मिश्रा करेली, माधवी दुबे भोपाल ने कहा कि अब हमें नई श्रम नीति बनानी होगी। महेश शुक्ला रीवा ने कहा सरकार के साथ हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी हो गई है कि हम मिलजुल कर प्रवासी श्रमिकों का साथ देना होगा।

पीएम फंड में भेजी राशि
वेबिनार के संयोजक डॉ.धु्रव दीक्षित ने बताया कि बेबीनार के माध्यम से 3000 रुपए की राशि प्रधानमंत्री केयर फण्ड में भी भेजी गई। सोमवार को दूसरे दिन बेबीनार में सार्थक चर्चा कि जाएगी। बेबीनार में अलकेश चतुर्वेदी, महेश शुक्ल रीवा, संजय तिवारी, मुनीन्द्र तिवारी लखनऊ, मानवेन्द्र सिंह गोरखपुर, रमेश मकवाना आनन्द गुजरात, सुरेश राय सतना, गजानन करेली, प्रीति शर्मा रायपुर, बीडी पांडे बनारस , मालती दुबे भोपाल, नरेंद्र कोष्टी जबलपुर के शामिल थे।