
Budget 2021: Know how many crore is India's budget and where does so much money come from?
जबलपुर। रोजमर्रा की चीजों के बढ़ते दामों से जबलपुर का आम आदमी तंग हो गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित मध्यमवर्गीय परिवार हैं। यह वर्ग सीमित आय में जीवनयापन करता है। आसमान छूती महंगाई से उसका बजट बिगड़ गया है। एक परिवार को औसतन हर महीने रसोई गैस, ईंधन, मोबाइल रिचार्ज, अनाज, खाद्य तेल, किराना जैसी जरूरत की चीजों के लिए 2 से 15 हजार रुपए तक ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं। बच्चों के स्कूल की फीस, बिजली बिल, यह तमाम चीजें भी महंगी हो गई हैं। दिसंबर से फरवरी के माह में ही कीमतों में भारी अंतर आ गया है। उससे पहले भी स्थिति ठीक नहीं थी। लगातार चीजों के दाम बढ़े हैं। प्याज फिर से 40 रुपए किलो पर आ गया है। तेल के दाम भी 5 से 10 रुपए तेज हो गए हैं। रसोई गैस में तो दिसम्बर के महीने से अब तक पांच बार परिवर्तन हो चुका है। एक मध्यम वर्गीय परिवार में हर महीने किराना, अनाज, तेल, पेट्रोल, बिजली बिल, रसोई गैस, दूध सब्जी आदि पर 15 से 18 हजार रुपए का खर्च आता है। वह अब 16 हजार 500 से 19 हजार 500 रुपए हो गया है।
ईंधन में सबसे ज्यादा असर
यदि हम दिसंबर की बात करें तो पहले महीनेभर के लिए एक लीटर पेट्रोल के लिए व्यक्ति को 90 रुपए 15 पैसे प्रतिलीटर के हिसाब से 2 हजार 700 रुपए खर्च करने पड़ते थे, अब वह 2 हजार 900 रुपए चुका रहा है। यानि महीने में 2 सौ रुपए पेट्रोल का बढ़ गया। यदि कोई व्यक्ति डीजल कार चला रहा है तो अमूमन घर से कार्यालय आने-जाने पर डेढ़ लीटर डीजल तो खर्च हो जाता है। ऐसे में दिसंबर में डेढ़ लीटर के हिसाब से उसे 3 हजार 621 रुपए चुकाने पड़ते थे लेकिन अब उसे 317 रुपए ज्यादा खर्च करते हुए 3 हजार 938 रुपए अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं ऑटो एलपीजी के लिए दिसंबर में महीने में एक लीटर पर 48.29 रुपए चुकाने पड़ते थे वह बढ़कर 53.35 रुपए हो गया है।
Published on:
16 Feb 2021 10:27 pm
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