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अमानवीय प्रथा : मृत गर्भवती का पेट चीर कर निकाला, दफनाया

अमानवीय प्रथा : मृत गर्भवती का पेट चीर कर निकाला, दफनाया  

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जबलपुर. जिले के पनागर थाना क्षेत्र का ऐसा मामला सामने आया है, जिसपर यकीन करना अत्यंत मुश्किल है। प्रथा के नाम पर श्मशान में मृत गर्भवती महिला का पेट चीरकर उसके कोख से आठ माह के मृत शिशु को निकाला गया। ऐसी प्रथा है कि बच्चे का अग्नि संस्कार नहीं होता है, बल्कि दफनाया जाता है। इसलिए ऐसा किया गया, घटना की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

मायकेवालों की शिकायत पर 25 दिन बाद सामने आई झकझोर देने वाली घटना
बच्चे का दाह संस्कार नहीं होता ...

पनागर थाना क्षेत्र की घटना, पुलिस ने शुरू की जांच
यह वाकया 25 दिन पुराना है, लेकिन खुलासा बुधवार को मृत महिला के मायके वालों की ओर से एसपी को की गई शिकायत से हुआ है। जिन्होंने ऐसी वीभत्स वीडियो क्लिप भी सौंपी है। मृतका की मां गौराबाई के अनुसार उनकी बेटी राधाबाई का विवाह 24 अप्रेल 2021 को पनागर निवासी गोपी पटेल के साथ हुआ था। 17 सितंबर 2022 को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उस समय उसके पेट में आठ माह का गर्भ पल रहा था। लेकिन मां की सांस थमने के साथ शिशु की भी मौत हो गई। तब मायकेवालों को बीमारी से मौत होने की जानकारी दी गई थी। उनकी मौजूदगी में ही अंतिम संस्कार कराया गया। इससे पहले महिला का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। अब मायके वालों को शक है कि राधा की मौत सामान्य नहीं थी, बल्कि मरने की वजह कुछ और है। मायके वाले दहेज प्रताडऩा का भी आरोप लगा रहे हैं।

श्मशान घाट का दिल दहल गया

बताया गया है कि मायके वालों को सूचना देने के बाद राधा का शव श्मशान घाट ले जाया गया था। इस दौरान उसके गर्भवती होने और पेट में मृत शिशु को लेकर चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों के बच्चे को दफनाने की दलील पर स्वीपर बुलाया गया जिसने लोगों के कहने पर श्मशान घाट पर ही मृत महिला का पेट ब्लेड से चीरकर बच्चे को निकालकर परिवार को सौंप दिया।

शिशु को दूर दफनाया

ऐसी प्रथा है कि शिशु का दाह संस्कार नहीं किया जाता है, लिहाजा महिला का अग्नि संस्कार कर दिया गया। जबकि शिशु को दूर एक कोने में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। इस पूरे घटना₹म का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मायकेवालों के बयान दर्ज किए गए हैं। अन्य प्रत्यक्षदर्शियों की तलाश चल रही है।

राधा बाई की मौत के बाद मायके पक्ष के लोगों की मौजूदगी में ससुराल वालों ने उसका अंतिम संस्कार किया। इसके पूर्व स्वीपर से मृत राधा के पेट को ब्लेड से कटवाया गया। गर्भस्थ शिशु को निकाला गया। दोनों का अलग-अलग अंतिम संस्कार किया गया। मायके वालों ने जो आरोप लगाए हैं, उनके अनुरुप जांच शुरू कर दी गई है।

आरके सोनी, थाना प्रभारी, पनागर