ट्रेन का कन्फर्म टिकट लेने से पहले पढ़ें ये खबर, वरना ट्रेन में पैर भी नहीं रख पाएंगे

ट्रेन का कन्फर्म टिकट लेने से पहले पढ़ें ये खबर, वरना ट्रेन में पैर भी नहीं रख पाएंगे

 

By: Lalit kostha

Published: 10 Jan 2021, 01:49 PM IST

जबलपुर। रोजगार की तलाश में मुम्बई जाने के लिए मुख्य रेलवे स्टेशन पहुंचे डिंडोरी जिला निवासी चार आदिवासी युवकों को ट्रेन में कन्फर्म टिकट दिलाने का झांसा देकर दो युवकों ने 2 हजार रुपए ऐंठ लिए। काफी इंतजार के बाद भी युवक टिकट लेकर नहीं लौटे तो उन्हें ठगी की आशंका हुई। उन्होंने जीआरपी थाने जाकर अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। आदिवासी युवकों के बताए हुलिए के आधार पर जीआरपी ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। आरोपियों के नाम प्रदीप पांडे और सतीश गुप्ता बताए गए हैं।

मामला सात जनवरी का है। जीआरपी के अनुसार डिंडोरी जिला निवासी नरेश परस्ते गांव के कोमल, भारत सिंह और सुनील नाटी के साथ मुम्बई जाने के लिए सात जनवरी को मुख्य रेलवे स्टेशन के यात्री प्रतीक्षालय पहुंचा। वे वहां रिजर्वेशन कराने के बारे में बात कर रहे थे, तभी तभी वहां बैठे दो व्यक्ति उनके पास आए और 250 रुपए में बैठने के लिए एक सीट और 495 रुपए में सोने के लिए एक बर्थ दिलाने की बात कही। उनकी बातों में आकर आदिवासी युवकों ने उन्हें दो हजार रुपए दे दिए। पैसे लेने के बाद आरोपी युवक उन्हें मुख्य स्टेशन के आरक्षण कार्यालय ले गए।

 

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एक युवक टिकट बुक कराने की बात कहकर अंदर गया, जबकि दूसरा युवक आदिवासी युवकों के साथ बाहर खड़ा था। इस बीच टिकट बुक कराने गया आरोपी युवक पीछे से घूमकर इंद्रा मार्केट पहुंच गया और फोन पर अपने साथी को भी बुलाया। दूसरा ठग चारों युवकों से किसी से मिलकर आने की बात कहकर चला गया। काफी इंतजार के बाद भी युवक टिकट लेकर नहीं लौटा तो आदिवासी युवक जीआरपी थाने गए। उनकी शिकायत पर जीआरपी थाने में एसआई आरएस शुक्ला, प्रधान आरक्षक सुशील सिंह और आरक्षकों की टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की। हुलिए के आधार पर आरोपियों की पहचान प्रदीप पांडे और सतीश गुप्ता के रूप में हुई। जीआरपी ने आरोपियों की पतासाजी कर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

चार आदिवासी युवकों को ट्रेन में कन्फर्म बर्थ दिलाने के बदले ठगी के मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
- सुनील नेमा, थाना प्रभारी, जीआरपी

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