
शहर के ओमती और मोतीनाले के किनारे सब्जियों की खेती की जा रही है। इस खेती में सिंचाई में नाले के पानी का उपयोग हो रहा है।
शहर के ओमती और मोतीनाले के किनारे सब्जियों की खेती की जा रही है। इस खेती में सिंचाई में नाले के पानी का उपयोग हो रहा है। कैमिकलयुक्त नाले के पानी की सिंचाई से सब्जियों में होने से हानिकारक तत्व पहंुच रहे हैं, जो लोगों की सेहत बिगाड़ सकती है। जिला प्रशासन ने नाले के पानी की सिंचाई पर रोक लगाई हुई है लेकिन उसके बाद भी इस पर निगरानी नहीं है। जानकार कहते हैं शहर के भूलन, कछपुरा, गोहलपुर में सबसे ज्यादा सब्जियां इन्हीं जगहों की पहंुच रही है।
जबलपुर. नाले के पानी की सिंचाई सब्जियों के लिए भले ही वरदान साबित हो सकती है लेकिन उन सब्जियों के लगातार सेवन से लोगों की सेहत बिगड़ सकती है।विशेषज्ञों की दलील है कि नाले का पानी रसायनयुक्त होता है, जिसमें यूरिया की मात्रा भी रहती है। ये कैमिकल खेती में पैदावार में सहायक है लेकिन मानव शरीर को नुकसान पहंुचा सकते हैं।
रात में सिंचाई
जानकारों का कहना है कि इन खेतों में दिन के समय सिंचाई नहीं की जाती है। रात के समय पम्प लगाकर नाले से पानी खींचकर खेतों तक पहंुचाया जाता है। कछपुरा क्षेत्र में पटरियों के किनारे तक खेत लगे हुए हैं, जहां तक पानी सींचा जा रहा है। इसी तरह गोहलपुर क्षेत्र में मोतीनाले के किनारे नई बसाहट के बाजू में लगे खेतों में भी नाले के पानी की सिंचाई की जा रही है। यहां कई बगीचे सहित सब्जियां उगाई जाती हैं। अधिकारियों की दलील है कि इसे रोकने के लिए कई बार कार्रवाई कर चुके हैं।
प्रशासन अधिकारियों दरकिनारशहर के ओमती, मोतीनाले के किनारे नाले के पानी की सिंचाई पर दो वर्ष पहले रोक लगाई गई थी लेकिन समय गुजरने के साथ मनमानी होने लगी है। हालात पुराने ढर्रे पर आ गए हैं।
यहां हो रही सिंचाई
कछपुरा से लक्ष्मीपुर तक
नर्मदा नगर से कठौंदा तक
एक्सपर्ट ओपीनियन- प्रो. एचबी पालन ने बताया कि नाले के पानी में खतरनाक बैक्टीरिया होते है। यह बैक्टीरिया पानी के साथ साथ खेत में पहुंचते हैं। सब्जियों के जरिए बैक्टीरिया शरीर में चले जाते हैं, जिससे कई खतरनाक बीमारियां होने का खतरा है।- विक्टोरिया के एमडी डॉ. संदीप भगत के मुताबिक ऐसी सब्जियों के सेवन से पेट संबंधी विकार पैदा होते हैं, जो आगे कैंसर, त्वचा रोग आदि में बदल जाते हैं। इसमें कई सब्जियां जैसे, ककड़ी, खीरा, मिर्च, नीबू, केले, गन्ने आदि का कच्चा सेवन अधिक घातक हो सकता है।
- विक्टोरिया के एमडी डॉ. संदीप भगत के मुताबिक ऐसी सब्जियों के सेवन से पेट संबंधी विकार पैदा होते हैं, जो आगे कैंसर, त्वचा रोग आदि में बदल जाते हैं। इसमें कई सब्जियां जैसे, ककड़ी, खीरा, मिर्च, नीबू, केले, गन्ने आदि का कच्चा सेवन अधिक घातक हो सकता है।
नाले के पानी से सिंचाई नहीं करने कहा गया है। यदि इन जगहों पर सिंचाई हो रही है तो कार्रवाई की जाएगी।
ऋषभ जैन, एसडीएम
Published on:
18 Feb 2023 12:35 pm
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
