
आराध्या ग्रुप ने छोड़ा ठेका, अब डबल कीमत पर मिलेंगी रेत खदानें
जबलपुर. जिले की रेत खदानों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार सभी 47 रेत खदानों का आफसेट मूल्य पिछली बार की तुलना में दोगुना रखा गया है। जबकि पिछले बार यह करीब सात करोड़ 50 लाख रुपए था। ज्ञात हो कि ठेका की नियमित किश्तें जमा नहीं करने पर आराध्या लॉजिस्टिक सॉल्युशन प्राइवेट लिमिटेड का ठेका राज्य शासन ने निरस्त कर दिया था।जिले में नर्मदा और हिरण नदी सहित करीब 47 रेत खदानों का संचालन किया जाता है। इनमें से वर्तमान में डेढ़ दर्जन के करीब रेत खदानें संचालित हो रही थीं, बांकी बंद थीं।
6 लाख घनमीटर मात्रा है रेत की
इस बीच ठेका फर्म के द्वारा किश्तें जमा नहीं किए जाने के कारण ठेका निरस्त कर दिया गया है। अब फिर से ठेका किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है। इस बार इन खदानों का ठेका डबल ऑफसेट मूल्य पर मिलेगा। जितनी खदान और मात्रा थी, उतनी ही नई ठेके में रहेगी। सभी खदानों में करीब छह लाख घनमीटर रेत का अनुमान है। निविदा प्रस्ताव जमा करने की तिथि 23 जनवरी तय है।
6 करोड़ 84 लाख था बकाया
ठेका फर्म आराध्य गु्रप के द्वारा जिला समूह जबलपुर की रेत खदानों का ठेका 31 करोड़ 54 लाख 54 हजार 555 रुपए में लिया गया था। लेकिन फर्म ने पिछले वर्ष के नवंबर और दिसंबर माह का करीब 6 करोड 84 लाख 91 हजार रुपए की किश्ते नहीं चुकाई। इसलिए भौमिकी तथा खनिकर्म संचालनालय के द्वारा ठेका निरस्त कर दिया गया था। अब शेष अवधि के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हुई है।
जिले की रेत खदानों का ठेका निरस्त हो चुका है। अब नए ठेके की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इस बार दोगुना ऑफसेट मूल्य (15 करोड़ रुपए) तय किया गया है।
देवेंद्र पटले, खनि निरीक्षक, खनिज कार्यालय
Updated on:
22 Jan 2022 12:48 pm
Published on:
22 Jan 2022 12:46 pm
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