16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अंग्रेजों ने बनाया था जबलपुर का ये अस्पताल

लाल बिल्डिंग में गोरों का और सफेद बिल्डिंग में भारतीयों का होता था इलाज, 1876 में सिटी मेन हॉस्पिटल और सदर अस्पताल के नाम से बना था जिला अस्पताल

2 min read
Google source verification

image

Lali Kosta

Mar 24, 2016

victoria hospital

victoria hospital

जबलपुर। जबलपुर का पहला अस्पताल अंग्रेजों ने 1876 में बनाया था। सिटी मेन हॉस्पिटल महारानी विक्टोरिया के नाम पर बना था। जो अब जिला अस्पताल के नाम से विख्यात है और इसका नाम भी परिवर्तित हो गया है। इस अस्पताल को सेठ गोविंददास जिला अस्पताल के नाम से जाना जाता है।

लाल बिल्डिंग में केवल अंग्रेजों का इलाज
अंग्रेजों ने तीन स्ट्रक्चर निर्मित कराए थे। सीएमएचओ डॉ. एमएम अग्रवाल के अनुसार लाल बिल्डिंग है वहां पर केवल अंग्रेजों का इलाज होता था। वहीं दो छोर पर जो सफेद बिल्डिंग हैं। वहां भारतीय मरीजों को इलाज की सुविधा दी गई थी। लाल बिल्डिंग से जुड़ा ऑपरेशन थिएटर भी था। जिसके स्वरूप को अभी परिवर्तित किया गया है। मुख्य भवन को पुरातत्व विभाग द्वारा हेरिटेज बिल्डिंग का भी दर्जा दिया गया है।

यहां अस्पताल में उल्टी-दस्त के मरीजों को भर्ती रखकर इलाज दिया जाता है। जबकि एक अन्य बिल्डिंग के छोर पर सिविल सर्जन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का कार्यालय है तो एक बिल्डिंग में बच्चा वार्ड तथा कार्यालय है। आजादी के बाद इस अस्पताल को जिला अस्पताल का दर्जा दिया गया। यहां एक न्यू बिल्डिंग बनाई गई। जिसमें 6 वार्ड है।


वायसराय की पत्नी एल्गिन के नाम से बनाया एल्गिन
डॉ.संजय मिश्रा के अनुसार विक्टोरिया के बाद 1942 में महिलाओं के इलाज के लिए अलग से एल्गिन अस्पताल बनाया गया था। यह अस्पताल मध्यभारत के वायसराय की पत्नी एल्गिन के नाम से बनाया गया था। अब यह रानी दुर्गावती अस्पताल के नाम से जाना जाता है।

ये भी पढ़ें

image