जबलपुर फ्लाईओवर पर बड़ी खबर, इनको मिलेगा 225 करोड़ रुपए का मुआवजा

जबलपुर फ्लाईओवर पर बड़ी खबर, इनको मिलेगा 225 करोड़ रुपए का मुआवजा

 

By: Lalit kostha

Published: 07 Aug 2020, 10:41 AM IST

जबलपुर। दमोहनाका-मदनमहल फ्लाईओवर के प्रोजेक्ट में स्वाइल टेस्टिंग, पीयर टेस्टिंग का काम जारी है। निर्माण कार्य को गति देने के लिए पानी की पाइप लाइन, ड्रेनेज व बिजली के खंभों की शिफ्टिंग की जाना है। शहर विकास के लिहाज से फ्लाईओवर के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश शासन ने पीडब्लूडी विभाग के बजट में इस प्रोजेक्ट के तहत यूटिलिटी शिफ्टिंग व मार्ग के भवन मालिकों को मुआवजा देने के लिए सौ करोड़ रुपए से ज्यादा का प्रावधान किया है। प्रोजेक्ट में चरणबद्ध तरीके से काम होना है, ऐसे में बाकी की राशि अगले बजट में मिल सकती है।

यूटिलिटी शिफ्टिंग, मुआवजे के लिए 100.93 करोड़ का प्रावधान
फ्लाईओवर का निर्माण पकड़ेगा गति पाइप लाइन शिफ्टिंग का बजट तय

दो सौ करोड़ से ज्यादा देना होगा मुआवजा-
फ्लाईओवर मार्ग पर जिनके भवन हैं उनकी संपत्तियों को लेकर नगर निगम की टीम ने सर्वे किया है। आकलन के अनुसार जिन चार सौ के लगभग लोगों के भवन प्रभावित होने हैं उन्हें लगभग दो सौ पच्चीस करोड़ रुपये मुआवजा का भुगतान करना होगा।

 

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पानी की पाइप लाइन होगी शिफ्ट-
फ्लाईओवर निर्माण के लिए मार्ग से वृहद स्तर पर पानी की पाइप लाइन की शिफ्टिंग करना होगी। नगर निगम ने डीपीआर तैयार कर ली है। जिसके अनुसार पांच किलोमीटर सप्लाई लाइन व एक किलोमीटर राइजिंग लाइन की शिफ्टिंग करना होगी। राइजिंग व सप्लाई लाइन की शिफ्टिंग पर कुल साढ़े नौ करोड़ के लगभग राशि खर्च होगी। पाइल लाइन की शिफ्टिंग के दौरान नई व्यवस्था के तहत सप्लाई लाइन सडक़ के दोनों ओर रखी जाएगी। जिससे सभी रिहायशी इलाकों में जलापूर्ति हो सके । दमोहनाका, बल्देवबाग, चेरीताल, रानीताल, गेट नं चार, यादव कालोनी मार्ग, मदनमहल स्टेशन के समीप, मदनमहल चौराहा, एलआईसी मार्ग की पाइप लाइन की शिफ्टिंग करना होगी।

यह है स्थिति

400 के लगभग भवन प्रभावित होंगे मार्ग के
225 करोड़ रुपये मुआवजा पर होंगे खर्च
05 किलोमीटर सप्लाई लाइन होगी शिफ्ट
3.5 करोड़ रुपये पानी की सप्लाई लाइन की शिफ्टिंग पर होंगे खर्च
01 किलोमीटर राइजिंग लाइन होगी शिफ्ट
06 करोड़ रुपए राइजिंग लाइन की शिफ्टिंग पर आएगा खर्चा

फ्लाईओवर शहर विकास के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। प्रोजेक्ट में तेजी से काम हो।
विभाग समन्वय के साथ काम करें, इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएंगे। यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम तेजी से हो इसके लिए निर्देशित करेंगे। समय-समय पर प्रोजेक्ट को रिव्यू किया जाएगा।
- महेशचंद्र चौधरी, सम्भागायुक्त

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