
Jabalpur Medical hospital
जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में वार्ड के अंदर उपद्रव के मामले में निजी कंपनी पर कार्रवाई का शिकंजा कस गया है। पिछले महीने वार्ड-16 में हंगामें के लिए ठेका कंपनी (एचएलएल हाइट््स) को लापरवाह माना है। सुरक्षा में चूक के लिए एचएलएल हाइट््स के स्थानीय प्रबंधक देवेन्द्र सागर को जिम्मेदार मानते हुए उसे हटाने की तैयारी कर ली है। पेट्री कॉन्ट्रेक्ट पर काम कर रही यूडीएस को भी बदलने के निर्देश जारी कर दिए है।
एम्बुलेंस माफिया से मिलीभगत
वार्ड में मारपीट व उपद्रव पर ठेका कंपनी पर कार्रवाई
मेडिकल से हटेगा हाइट््स का प्रबंधक
पेटी कॉन्ट्रेक्ट कंपनी यूडीएस भी बदलेगी
पिछले महीने बाहर से कम दर पर एंबुलेंस मंगाने पर मेडिकल अस्पताल की सुरक्षा करने वाली निजी कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने मिलकर उप्रदव किया था। एंबुलेंस चालकों के साथ वार्ड में घुसकर एक मरीज के परिजन से मारपीट की थी। हंगामें में महिला मरीज की मौत हो गई थी। इसमें प्रारंभिक रूप से ठेका कंपनी के कर्मचारियों की एंबुलेंस माफिया से मिलीभगत उजागर हुई थी।
50 हजार रुपए जुर्माना
सुरक्षा में लापरवाही पर ठेका कंपनी हाइट््स पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। बताया जा रहा है कि वार्ड के अंदर उपद्रव को लेकर अस्पताल प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी गई थी। अस्पताल ने ठेका कंपनी के कामकाज के तरीके पर नाखुशी व्यक्त की है। उसके बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से अर्थदंड लगाया गया है।
लम्बे समय से जमे थे
मेडिकल की सुरक्षा, सफाई और मानव श्रम उपलब्ध कराने का कॉन्ट्रेक्ट नोएडा की एचएलएल हाइट््स कंपनी के पास है। इसके स्थानीय अधिकारी लंबे समय से बनें हुए थे। फिलहाल हाइट््स ने पेटी कॉन्ट्रेक्ट पर सुरक्षा-सफाई का काम यूडीएस को दे रखा है। इसके कर्मियों की एंबुलेंस माफिया से मिलीभगत उजागर हुई है। इसलिए यूडीएस को हटाने के आदेश दिए गए है।
अस्पताल में मारपीट की घटना में सिक्योरिटी कंपनी पर अर्थदंड किया गया है। कंपनी मुख्यालय को पत्र भेजा है। स्थानीय अधिकारी को हटाने और यूडीएस को बदलने के निर्देश दिए हैं।
- डॉ. पीके कसार, अधिष्ठता, एनएससीबी मेडिकल कॉलेज
Published on:
08 Apr 2022 10:01 am
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