
बचत के साथ बनाना होगा गोला-बारूद
जबलपुर. नई बनीं सात रक्षा कंपनियों ने अब अपने अधीन आयुध निर्माणियों को उत्पादन लागत कम करने पर जोर देना शुरू कर दिया है। फिजूलखर्ची पर रोक, उत्पादन में रिजेक्शन और ठेका श्रमिकों की कटौती सहित दूसरे दिशा-निर्देश जारी किया जाना तेज हो गया है। म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड (एमआइएल) ने शहर में स्थित आयुध निर्माणी खमरिया और देशभर में स्थापित दूसरी गोला-बारूद बनाने वाली आयुध निर्माणियों को निर्देश जारी किए हैं।
हाल में आए निर्देशों में ओवरटाइम बहुत जरूरी होने पर ही देने की बात कही गई है। अभी आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके) में उत्पादन की स्थिति बेहतर नहीं है। दिसंबर के महीने में भी लगभग सारी फैक्ट्री में पौने 45 घंटे प्रति सप्ताह के हिसाब से काम चल रहा है, जबकि लक्ष्य पूरा करने के लिए यह अवधि आमतौर पर बढ़ जाती है। एलपीसी की बैठक भी नहीं होने से संगठनों को वास्तविक स्थिति पता नहीं चल पा रहा है।
भेजा जाए एक्शन प्लान
एमआइएल ने यह भी निर्देश जारी किए है कि ओएफके सहित तमाम संबंधित फैक्ट्रीज को अपनी गतिविधियों के संबंध में एक्शन प्लान भेजना है। इसके लिए 29 नवंबर की समय सीमा तय की गई है। इस पर सीएमडी नियमित चर्चा करेंगे।
यह आए निर्देश
- तकनीक का उपयोग कर खर्चों में लाई जाए कमी। इलेक्ट्रॉनिक साधनों का हो इस्तेमाल।
- उत्पादन में निकलने वाले स्क्रैप का बेहतर इस्तेमाल किया जाए ताकि फिजूल व्यय न हो।
- बिजली का उपयोग सही ढंग से करे। वार्षिक उपयोग में 10 प्रतिशत तक की कमी लाएं ।
- उत्पादन में रिजेक्शन होता है लेकिन इसे कम कर 10 प्रतिशत लग लाया जाए।
- ठेका श्रमिक और दूसरी सेवाओं में 10 प्रतिशत तक की कटौती की जानी चाहिए।
उत्पादन लागत कम करने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए एमआइएल के द्वारा दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। उसी के अनुरूप निर्माणी में काम किया जा रहा है। कर्मचारियों को इसके लिए प्रोत्साहित भी कर रहे हैं।
दिनेश कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, ओएफके
Published on:
28 Nov 2021 12:03 pm

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