शहर को झूमने पर मजबूर करने वाले सरगम ऑर्केस्ट्रा के राजेश पिल्लै और उनकी टीम ने खूब समां बांधा। पंखिड़ा ओ पंखिड़ा..., ढोलिड़ा ढोल रे बजा..., ढोली तारो ढोल बाजे..., तारा बिना श्याम..., काली-काली अमावस की रात में..., आयो रे आयो रे आयो रे... जैसे गानों ने जोश भरा।