22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ग्रीक वास्तुकला की मिसाल हैं जबलपुर के ऐतिहासिक चर्च, हॉलैंड-इटली के लगे हैं कांच

शहर के गिरिजाघरों की अपनी अलग शान है। आकर्षक बनावट, भव्य इमारत और सदियों का गौरवशाली इतिहास खुद में समेटे हुए ये चर्च क्रिसमस के लिए विशेष रूप से सजाए जा रहे हैं। इनका आर्किटेक्चर, इस्तेमाल की गई सामग्री और थीम में विश्व की कला व संस्कृति की झलक दिखती है। इन गिरजाघरों का आर्किटैक्चर जहां ग्रीक व अमेरिकी स्थापत्य कला को दर्शाता है । वहीं, हॉलैंड व इटली के रंगीन ग्लास इनकी खूबसूरती को बढ़ा रहे हैं।

2 min read
Google source verification
church jabalpur

church

क्रिसमस के लिए हो रही सजावट

जबलपुर।

शहर के गिरिजाघरों की अपनी अलग शान है। आकर्षक बनावट, भव्य इमारत और सदियों का गौरवशाली इतिहास खुद में समेटे हुए ये चर्च क्रिसमस के लिए विशेष रूप से सजाए जा रहे हैं। इनका आर्किटेक्चर, इस्तेमाल की गई सामग्री और थीम में विश्व की कला व संस्कृति की झलक दिखती है। इन गिरजाघरों का आर्किटैक्चर जहां ग्रीक व अमेरिकी स्थापत्य कला को दर्शाता है । वहीं, हॉलैंड व इटली के रंगीन ग्लास इनकी खूबसूरती को बढ़ा रहे हैं। इनमे से कई चर्च नवीनीकृत किए गए तो कई डेढ़ सौ वर्ष बाद भी जस के तस हैं। ये गिरजाघर मसीही समाज की आस्था का केंद्र हैं। इन सभी गिरजाघरों में क्रिसमस की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जोरदार सजावट की जा रही है।


क्राइस्ट चर्च शहर का सबसे पुराना-

इतिहासकार आनन्द राणा बताते हैं कि सन 1844 में नेपियर टाउन में बने क्राइस्ट चर्च कैथेड्रल की स्थापना बिशप विलियम ने की थी। शहर का यह सबसे पुराना चर्च आज भी अपने मूल स्वरूप में है। इसकी खिड़कियों पर लगे रंगीन कांच इटली के हैं जो चर्च की खूबसूरती को बढ़ा देते हैं। यह चर्च सिर्फ ढाई हजार की लागत से बनाया गया था। जिसे दूसरे विश्व युद्ध के बंदियों द्वारा श्रमदान करके बनाया गया था। यह चर्च क्रॉस के आकार में बना हुआ है।

बोट आकार में बना,1857 की निशानी-

पेंटी नाका के समीप बोट शेप में बने सेंट पीटर एंड पॉल चर्च की स्थापना सन 1857 में की गई थी। इसके निर्माण पर 10,000 रुपये खर्च हुए थे। सन् 1857 की क्रांति के समय पूरे देश के साथ जबलपुर में भी अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह हुआ था। उस विद्रोह को दबाने कई सैन्य टुकड़ियों ने पेंटीनाका स्थित सेंट पीटर एण्ड पाल चर्च परिसर में ही डेरा डाला था। वर्ष 1857 में ही पटना से यहां भेजे गए अंग्रेज अफसर एपोस्टोलिक ने इसका निर्माण कराया था। वर्ष 1997 में आए भूकंप से इसकी इमारत काफी नुकसान हुआ था। 2000 में इसका जीर्णोद्धार हुआ।


150 साल पुराना है इंग्लिश मैथोडिस्ट चर्च-

इतिहासकार राणा के अनुसार नागरथ चौक पर स्थित इंग्लिश मैथोडिस्ट चर्च की स्थापना 1875 में हुई थी। इसे जॉर्ज किंग गिल्डर ने स्थापित किया था। कोलकाता के विलियम्सन टेलर चर्च से प्रेरित होकर इस चर्च को बनाया गया। जिसमें कोलकाता के चर्च की स्थापत्य कला को दर्शाया गया है।


अमेरिकन पादरी ने बनवाया-

वर्ष 1906 में नागरथ चौक पर ही बने डिसाइपल्स चर्च ऑफ क्राइस्ट को एक अमेरिकन मिशनरी के पादरी वॉटन ने बनाना शुरू किया था। इसकी शुरुआत नागपुर से हुई थी। तब भारत में आने वाले डिजाइपल्स ऑफ क्राइस्ट के प्रथम मिशनरी ने अपना कार्य नागपुर के नजदीक एलिचपुर से शुरू किया था। इस चर्च में अमेरिकन वास्तुकला का अनुपम उदाहरण देखने को मिलता है।