
jabalpur smart city
जबलपुर। बेतरतीब निर्माण कार्यों ने शहर की तस्वीर बिगाड़ दी है। स्मार्ट सिटी के तहत करोड़ों रुपए खर्च हुए, लेकिन एक भी इलाका स्मार्ट सिटी की अवधारणा को साकार करता नजर नहीं आ रहा। इस सबके बीच प्रदेश कुछ और शहरों के साथ जबलपुर को भी सबसे पहले स्मार्ट बनने वाले शहर की सूची में शामिल करने की तैयारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि योजना के तहत शहर में बड़ी राशि खर्च हुई, लेकिन ज्यादातर प्रोजेक्ट में उपयुक्त प्लानिंग, समन्वय और क्रियान्वयन की कमी दिख रही है।
जिम्मेदार बेपरवाह: ज्यादातर प्रोजेक्ट में प्लानिंग, समन्वय और क्रियान्वयन की दिखी कमी
बेतरतीब कार्यों से बिखरा दिख रहा है शहर, फिर भी स्मार्ट सिटी घोषित करने की तैयारी
स्मार्ट सिटी के तहत एबीडी एरिया को व्यविस्थत करने व नगर को आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया करने प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा रहा है। 56 प्रोजेक्ट में काम पूरा हो गया है, 49 प्रोजेक्ट में विकास कार्य जारी है।
- निधि सिंह राजपूत, सीईओ स्मार्ट सिटी
स्मार्ट सिटी की अवधारणा में सस्टेनेबल विकास भी शामिल है, नगर में जो भी काम हुआ सब बिखरा हुआ है, इसके कारण जबलपुर अभी भी अव्यविस्थत नजर आ रहा है।
- इंजी. संजय वर्मा, स्ट्रक्चर इंजीनियर टाउन प्लानर
स्मार्ट सिटी की अवधारणा पर नगर में काम होता तो जबलपुर की तस्वीर बदलती। बड़ी राशि खर्च हुई लेकिन प्लानिंग, विभागों में समन्वय और क्रियान्वयन की कमी के कारण नगर उस स्थिति में नहीं पहुंचा कि उसे स्मार्ट सिटी माना जाए।
- इंजी. सुनील जैन, स्ट्रक्चर इंजीनियर
Published on:
02 Sept 2022 09:39 am
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