
Jabalpur youth
जबलपुर. शहर के युवाओं का बनाया ड्रोन 50 लीटर उर्वरक और कीटनाशक लेकर खेतों में उड़ान भर रहा है। विशेष रूप से डिजाइन किया गया ये ड्रोन 3 मिनट में तीन एकड़ में दवा का छिड़काव करता है। 72 वोल्ट की लीथियम आयन सिंगल बैट्री पर बने इस ड्रोन को एक घंटे तक चार्ज करने पर यह 25 मिनट उड़ सकता है। स्टार्टअप के तहत ड्रोन को तैयार करने वाले अभिनव राजपूत ने बताया कि ड्रोन की लागत 8 लाख रुपए है। इसमें वेट सेंसर भी लगा है, जो बताता है कि कितनी दवा का छिड़काव हो चुका है।
2019 में बनाया पहला ड्रोन
जबलपुर इनक्यूबेशन सेंटर में रजिस्टर्ड स्टार्टअप ओआरसी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने 2019 में पहला ड्रोन बनाया था। इस स्टार्टअप की शुरुआत 2014 में हुई। संस्थापक अभिनव सिंह ठाकुर और अनुराग चांदना और उनकी टीम अपने प्रोजेक्ट पर लगातार काम कर रही है। उनका कहना है कि आने वाले समय में इस प्रोजेक्ट में कई सुधान होने हैं। जिले में समय-समय पर कृषि क्षेत्र में कई शोध किए गए हैं। कई टेक्नोलॉजी शामिल की गयी है। इन सभी की मदद से किसानों को उपज से लेकर रखरखाव में काफी मदद मिली है। ड्रोन टेक्नोलॉजी काफी उपयोगी साबित हो रही है। फसलों में खाद और दवाई के छिड़काव में मदद मिलती है।
खेत में नहीं जाना पड़ता
खास बात ये है की ड्रोन से दवा के छिड़काव से किसानों को खेतों में नहीं जाना पड़ता है। इससे किसान भी दवा से होने वाले दुष्प्रभाव से बचता है। इससे पूरे खेत में एक समान छिड़काव होता है। गन्ना, मक्का, अरहर जैसी ऊंची फसल व धान के खेत जहां पानी भरा होता है, वहां ड्रोन से दवा का छिड़काव सबसे ज्यादा उपयोगी है। इसका फायदा अब ज्यादातर किसान उठा सकेंगे।
उड़ान बेहद आसान
वर्ष 2019 में इस टीम ने 30 लीटर क्षमता वाले ड्रोन का निर्माण किया था। अब इसकी क्षमता बढ़ाकर 50 लीटर कर ली गई है। यह ड्रोन बाइक पर आसानी से ले जाया जा सकता है। फ्लाइंग चक्र को सेट करना और उड़ान भरना बहुत आसान है। इसके पंखों को खोलने और लॉक करने के लिए सरल लीवर तंत्र है। इसकी उन्नत नोजल तकनीक पानी को अति-सूक्ष्म बूंदों में फैलाती है। जिससे 30 फीट तक एक बार में छिड़काव होता है।
Published on:
16 Jan 2024 12:06 pm
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