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जन्माष्टमी शुभ मुहूर्त: ये समय रहेगा सबसे श्रेष्ठ, मान जाएंगे भगवान

जन्माष्टमी शुभ मुहूर्त

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janmashtami 2018 shubh muhurat time

janmashtami 2018 shubh muhurat time

जबलपुर। युगांधर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पूरी दुनिया में धूमधाम से मनाया जाता है। साल 2018 की जन्माष्टमी आने में महज दो दिन शेष रह गए हैं। इसके लिए जबलपुर शहर में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मुख्य आयोजन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा को लेकर महीने भर से तैयारियां व बैठकें आयोजित हो रही हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त एक घंटे से भी कम है। ऐसे में भक्तों को चाहिए कि वे समय का ध्यान रखते हुए भगवान का जन्मोत्सव पूजन करें।

एक घंटे से भी कम पूजा मुहूर्त, जानें शुभ समय व तिथि

ज्योतिषाचार्य डॉ. सत्येन्द्र स्वरूप शास्त्री के अनुसार इस बार जन्माष्टमी 2 सितम्बर को भाद्रपद की अष्टमी तिथि के दिन मनाई जाएगी। भगवान का जन्मोत्सव रात 12 बजे होगा। लेकिन पूजन का मुहुर्त रात 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। यानि केवल 45 मिनट पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त है। सामान्य मुहूर्त में रात 8 बजे से कभी भी पूजन किया जा सकेगा।

ज्योतिषाचार्य पं. जनार्दन शुक्ला के अनुसार 2 सितंबर को रात 8:45 बजे से अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। जिसका समापन 3 तारीख को शाम 7:15 बजे होगा। चूंकि भगवान का जन्मोत्सव रात 12 बजे मनाया जाता है। इसलिए 2 सितंबर को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। क्योंकि 3 सितंबर को अष्टमी तिथि शाम को ही समाप्त हो रही है। भगवान श्रीकृष्ण को घी, मक्खन, दूध, जल आदि से अभिषेक कर नवीन वस्त्र धारण कराएं। इसके बाद विधि विधान से भगवान का पूजन करें।

इसके बाद विधि विधान से भगवान का पूजन करें। भगवान को धनिया की पंजीरी बहुत प्रिय है। इसके बिना पूजन नहीं करना चाहिए। ये जहां औषधीय होती है, वहीं गुणकारी भी होती है। जन्माष्टमी पर भगवान को नवीन वस्त्र धारण कराएं, उन्हें सुबह दूध दही आदि से स्नान कराना चाहिए। शाम से ही उन्हें झूले या पालकी में विराजमान करें। इसके साथ ही पूरे समय हो सके तो श्रीकृष्ण का बीज मंत्र जाप करें।