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जबलपुर में जर, जोरू व जमीन, हत्या की बन रही पृष्ठभूमि

-मनेरी नरसंहार की तरह यहां भी हत्याओं की यही वजह आ रही सामने  

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जबलपुर। मनेरी नरसंहार में छह लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस नरसंहार की जड़ में जमीन का विवाद सामने आया। अपने जिले में भी पिछले साढ़े छह महीने में 38 हत्याओं की वजह में भी जर, जोरू और जमीन का विवाद ही पृष्ठिभूमि बना। सबसे जघन्य वारदात माढ़ोताल थानांतर्गत आगासौद में दिखा। जहां जोरू के विवाद में अपने ही भाई व भतीजी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई। इससे पहले सिहोरा में अवैध सम्बंधों के चलते ही शौच के लिए निकली महिल की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई।
केस-एक
13 जुलाई को रांझी के बड़ा पत्थर में 50 वर्षीय व्यक्ति की मारपीट-बलवा में हत्या कर दी गई।
केस-दो
12 जुलाई को बेलखेड़ा के पावला गांव के पास रेत खनन विवाद में ट्रैक्टर चालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
केस-तीन
29 जून की आधी रात माढ़ोताल के आगासौद गांव में भाई व भतीजी की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी।
केस-चार
29 जून को गोहलपुर में बदमाश ने पेट्रोल डालकर महिला को जिंदा जलाकर मार डाला। 07 जुलाई को आरोपी की भी मौत हो गई।

IMAGE CREDIT: patrika

जिले में जून में पिता ने बेटे की हत्या सिर्फ जमीन में हिस्सा मांगते हुए लगातार विवाद करने पर कर दी। वहीं बेलखेड़ा में आर्थिक हानि के चलते ट्रैक्टर चालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बेलखेड़ा के कूड़ाकला गांव में आर्थिक हित साधने के लिए ही पूर्व विधायक के बेटे ने समर्थकों के साथ बलवा करते हुए जानलेवा फायरिंग की वारदात को अंजाम देने गया था। जनवरी से अब तक हुई हत्याओं में अधिकतर में करीबी ही आरोपी निकले। सबसे अधिक हत्याओं की वजह अवैध सम्बंध ही सामने आए।
न्यूज़ फैक्ट-
माह-हत्या-हत्या का प्रयास
जनवरी-08-05
फरवरी-05-15
मार्च-03-09
अप्रैल-02-07
मई-07-11
जून-13-14
17 जुलाई तक-03-14

महिला अपराध भी बढ़े-
जिले में महिला अपराधों में भी बढ़ोत्तरी दिख रही है। लॉकडाउन में जहां महिला उत्पीडऩ की वारदात बढ़ गई थी। तो अब बलात्कार, अपहरण व छेड़छाड़ की वारदातें सामने आने लगी हैं। एक जनवरी से 17 जुलाई तक जिले में 87 बलात्कार के मामले सामने आ चुके हैं। इसमें 27 से अधिक नाबालिग शामिल हैं। वहीं 148 छेड़छाड़, 151 अपहरण की वारदात अब तक सामने आ चुकी है। 08 दहेज हत्या के प्रकरण विभिन्न थानों में दर्ज हो चुके हैं।
वर्जन-
पिछले चार वर्षों में छेड़छाड़, हत्या के प्रयास आदि वारदातों का आंकड़ा तैयार कर इस तरह के संवेदनशील स्थलों की पहचान की गई है। हत्या व बलात्कार के प्रकरणों में करीबी और परिचित ही अधिकतर मामलों में आरोपी सामने आते रहे हैं। पुलिस अधिकतर वारदातों का खुलासा कर चुकी है।
सिद्धार्थ बहुगुणा, एसपी