
jobs are ending
जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज सहित प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में वार्ड वॉय, आया बाई, स्ट्रेचर वेयर, इलेक्ट्रीशियन जैसे पदों को समाप्त करने की तैयारी हो गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कॉलेजों के आधुनिकरण का हवाला देते हुए कई अहम पदों को डाइंग कैडर में डालने का प्रस्ताव बनाया है। संचालनालय स्तर पर गठित समिति ने चर्चा कर डाइंग कैडर के लिए 113 पदों को चिन्हित किया है। इन पदों की सूची सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों को भेज दी गई है। संबंधित पदों पर कर्मचारियों के बारे में जानकारी मांंगी है। इसके बाद कर्मचारी संघ में नाराजगी है। मप्र लघु वेतन कर्मचारी संघ ने इसे निजीकरण को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है।
मेडिकल कॉलेजों में वार्ड बॉय, आया बाई, इलेक्ट्रीशियन के पद शामिल
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कई पदों को डाइंग कैडर में डालने का प्रस्ताव बनाया
डाइंग कैडर के लिए चिन्हित पद
मेडिकल कॉलेजों में वार्ड ब्वॉय, आया बाई, स्ट्रेचर वेयर, इलेक्ट्रीशियन, ड्राइवर, सेनेटरी हवलदार, पंप ऑपरेटर, चपरासी, लिफ्टमैन, कुक, हेल्पर, प्लंबर, सफाई कर्मी, टेलीफोन अटेंडेंट, माली, धोबी, फर्राश, नाई वाटरमैन, किचन सर्वेंट सहित अन्य पद। इसमें वार्ड ब्वॉय, आया बाई, सफाई कर्मी के कुछ पदों पर वर्तमान में आउटसोर्स के जरिए कर्मियों से काम लिया जा रहा है।
विरोध करेंगे
मप्र लघु वेतन कर्मचारी संघ के सम्भागीय अध्यक्ष अजय कुमार दुबे के अनुसार मेडिकल कॉलेजों के आधुनिकीकरण के नाम पर अहम पदों को समाप्त करने की सोची समझी साजिश है। इससे निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डाइंग कैडर के लिए कई ऐसे पदों को चुना है जो जिसकी संस्थान में महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इस संबंध में प्रशासन से चर्चा की जाएगी। संस्था की व्यवस्था के हित में आवश्यक हुआ तो आंदोलन भी करेंगे। संघ के जिलाध्यक्ष रविकांत दहायत, रामकुमार मेहरा, विपिन पीपरे, सहदेव रजक, मार्गरेट जोसफ, अंजली कनौजिया, कलावती कोल ने निर्णय वापस लेने की मांग की है।
Published on:
16 Jun 2021 02:52 pm
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