
journalist Ganga Pathak
Ganga Pathak : आदिवासियों की करोड़ों रुपए की जमीन में फर्जीवाड़ा कर उसे अपने और साथी के नाम करने वाले फरार इनामी पत्रकार गंगा पाठक के ‘हमराज’ कांचघर निवासी नारायण श्रीवास को पुलिस ने गिरतार कर लिया। उसे बरगी और तिलवारा थानों में दर्ज आपराधिक प्रकरणों में गिरतार किया गया। गुरुवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
तिलवारा के वीरन की जमीन में हुए फर्जीवाड़े में क्रेता गंगा पाठक था। नारायण उसमें गवाह था। शकुंतला, खमलो बाई, चंदन सिंगारो की जमीन में हुए फर्जीवाड़े में क्रेता ओमप्रकाश त्रिपाठी था। इनमें भी नारायण ही गवाह था। चंदन सिंह की जमीन में किए गए फर्जीवाड़े में द्वारका प्रसाद त्रिपाठी क्रेता और नारायण गवाह था। बरगी में सरजू बाई और कढ़ोरी की जमीन में हुए फर्जीवाड़े में क्रेता गंगा पाठक और गवाह नारायण व कल्लू बाई की जमीन के फर्जीवाड़े में क्रेता गंगा की पत्नी ममता और गवाह नारायण था। पुलिस ने नारायण को बुधवार रात गिरफ्तार किया। उससे पता चला कि वह वीकल फैक्ट्री का रिटायर्ड कर्मचारी है। उसकी पहचान गंगा पाठक से लबे समय से थी। गंगा ने जमीन में फर्जीवाड़ा करना शुरू किया, तो उसे गवाह बनाया।
Ganga Pathak : फरार इनामी आरोपी गंगा पाठक आदिवासियों की जमीन के फर्जीवाड़े में नारायण श्रीवास को गवाह बनाता था। नारायण को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। नारायण को गवाह बनने में आर्थिक लाभ प्राप्त होता था।
Updated on:
28 Mar 2025, 12:12 PM IST
Published on:
28 Mar 2025, 11:28 AM IST
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