8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

जबलपुर जज को चाहिए न्याय, बैठ गए धरने पर- देखें वीडियो

जज खुद ही अपने अधिकार और न्याय पाने के लिए सत्याग्रह कर रहे हैं

2 min read
Google source verification

image

Lalit Kumar Kosta

Aug 02, 2017

court gives verdict after 20 years in corruption c

court gives verdict after 20 years in corruption case

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के इतिहास में 1अगस्त का दिन ऐतिहासिक बन गया। जब एक जज हाईकोर्ट प्रशासन के सकारात्मक रिस्पांस न मिलने के कारण सत्याग्रह पर बैठ गए हैं। हाईकोर्ट की स्थापना के 61 साल में यह पहली बार हो रहा है, जब जज खुद ही अपने अधिकार और न्याय पाने के लिए सत्याग्रह कर रहे हैं।


यह है मामला
हाईकोर्ट में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी और अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश आरके श्रीवास मंगलवार को हाईकोर्ट में सत्याग्रह करने बैठे हैं। न्यायाधीश श्रीवास का यह सत्याग्रह 15 महीने में 4 बार तबादल किए जाने के विरोध में हो रहा है। उनका कहना है कि इस मामले में उन्होंने इस मामले से मुख्य न्यायाधीश मप्र हाईकोर्ट व रजिस्ट्रार जनरल को अवगत कराया था, लेकिन उनकी ओर अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। इसलिए सत्याग्रह के माध्यम से ये बात उन तक दोबारा पहुंचाना चाहता हूं।


पॉलिसी के विपरीत हुए तबादले
न्यायाधीश श्रीवास का कहना है कि 15 महीने में चार बार तबादले किया जाना हाईकोर्ट की ट्रांसफर नीति के विपरीत है। इससे यह साबित होता है कि कोर्ट में जजों के तबादले मनमुताबिक किए जा रहे हैं। झुकना मंजूर नहीं था, इसलिए सत्याग्रह के माध्यम से संघर्ष का रास्ता चुना है। न्यायाधीश श्रीवास को अब तक नीमच में पद संभालना था, लेकिन उन्होंने कार्यप्रणाली के खिलाफ जाकर सत्याग्रह करके नौकरी तक दांव पर लगा दी है।

boy murder live in jabalpur, attack live viral vid

इसके पहले एडीजे श्रीवास ने एक दिन पहले साफर कर दिया था कि वे मंगलवार को सुबह हाईकोर्ट परिसर में सत्याग्रह शुरू करेंगे। यदि परिसर से बाहर किया गया तो हाईकोर्ट के चारों तरफ घूम-घूमकर अन्याय के खिलाफ मौन-प्रदर्शन करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा था कि यदि मुझे गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए तो जेल हंसते हुए जेल भी चला जाऊंगा, लेकिन अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करूंगा।