न्यायाधीश श्रीवास का कहना है कि 15 महीने में चार बार तबादले किया जाना हाईकोर्ट की ट्रांसफर नीति के विपरीत है। इससे यह साबित होता है कि कोर्ट में जजों के तबादले मनमुताबिक किए जा रहे हैं। झुकना मंजूर नहीं था, इसलिए सत्याग्रह के माध्यम से संघर्ष का रास्ता चुना है। न्यायाधीश श्रीवास को अब तक नीमच में पद संभालना था, लेकिन उन्होंने कार्यप्रणाली के खिलाफ जाकर सत्याग्रह करके नौकरी तक दांव पर लगा दी है।