18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आपकी कुंडली में है ये योग तो बड़े घर की बेटी से होगी शादी

- कई लोगों की शादी के बाद उनकी किस्मत बदल जाती है और वे धनी हो जाते हैं।

2 min read
Google source verification
jyotish yog for rich wife

jyotish yog for rich wife

जबलपुर। आपने ऐसे कई लोगों को देखा होगा जिनकी शादी होते ही उनकी किस्मत बदल जाती है। कठिन संघर्ष और भरपूर प्रतिभा के बाद भी वे कुछ विशेष हासिल नहीं कर पाते पर शादी के बाद वे अचानक धनी हो जाते हैं। ज्योतिषविदों की मानें तो इसके लिए कुंडली के कुछ विशेष योग जिम्मेदार होते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार कुंडली में कुछ ऐसे योग होते हैं जिनके कारण पत्नी या पत्नी के माध्यम से धन प्राप्त होता है। इन योगों के कारण व्यक्ति की शादी किसी अमीर घराने में हो सकती है और उसे ससुराल से अथाह धन प्राप्त हो सकता है। ज्योतिष विद दीपक दीक्षित बताते हैं कि कुछ ऐसे योग होते हैं जिसकी वजह से व्यक्ति की सभी परेशानियां ससुराल की मदद से दूर होती हैं। आपकी कुंडली में भी यदि ये योग हैं तो यह तय मानिए कि आपकी शादी किसी बड़े घर की बेटी से हो सकती है और उसकी मदद से आप धनी भी बन सकते हैं।


शुक्र की कृपा जरूरी
ज्योतिषविद पंडित कृपाशंकर द्विवेदी के अनुसार जिसकी कुंडली में चतुर्थेश (चतुर्थ भाव का स्वामी) या द्वितीयेश (द्वितीय भाव का स्वामी) सप्तम भाव में हो और उस पर शुक्र की दृष्टि या शुक्र साथ हो तो व्यक्ति को ससुराल से लाभ मिलता है। कुंडली के चतुर्थ भाव का स्वामी सप्तम में तथा सप्तम भाव का स्वामी चतुर्थ भाव में हो तो भी ससुराल से लाभ होता है। तीसरा योग भी शुक्र से जुड़ा है। यदि कुंडली में सप्तमेश (सप्तम भाव का स्वामी) एवं धनेश (द्वितीय भाव का स्वामी) एक ही राशि में हो और उन पर शुक्र की दृष्टि पड़ रही हो तो ससुराल से मदद मिलती है। पत्नी के माध्यम से धनप्राप्ति में शुक्र अहम भूमिका निभाता है।


ध्यान रखनेवाली बात यह है कि कुंडली के ये योग अन्य ग्रह योगों के प्रभाव में बदल भी सकते हैं। कुंडली के दोषों की वजह से इन योगों का असर कम हो सकता है। इसके लिए किसी अच्छे ज्योतिषी से आप अपनी कुंडली दिखाएं। आप खुद भी ज्योतिष में रुचि रखते हैं तो अन्य ग्रह योगों पर भी ठीक से विचार कर लें। बड़े घराने में शादी होने का एक अन्य योग तब बनता है जब कुंडली में चंद्रमा सप्तमेश (सप्तम भाव का स्वामी) हो या चंद्रमा धन भाव (दूसरा भाव) में हो। पत्नी और ससुराल धनी होने या उनसे आर्थिक लाभ का एक और योग भी है। जब द्वितीय भाव का स्वामी सप्तम भाव में हो और उस पर शुक्र की दृष्टि पड़ रही हो तो ससुराल से फायदा मिलता है।