
karwa chauth chand timings in 2017
जबलपुर। कार्तिक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सुहागिनें बहुत ही शुभ मानती हैं। क्योंकि इस दिन चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी भी कही जाती है। इसका अर्थ होता है चतुर्थी की रात्रि को जिसमे चंद्रमा दिखाई देने वाला है। इसे चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी कहा जाता है। सुहागिनें अपने पति के लिए लंबी आयु के साथ अटल सुहाग का वरदान भी इस चांद से मांगती हैं। इसका पूजन बहुत ही साधारण है लेकिन ऐसा माना जाता है कि थोड़ी सी भी चूक पूरे व्रत को बेकार कर देती है।
इस दिन भगवान शिव माता पार्वती भगवान कार्तिकेय तथा भगवान प्रथम पूज्य श्री गणेश के साथ चंद्रमा का पूजन करने का विधान है। ज्योतिषचार्य सत्येंद्र स्वरूप शास्त्री के अनुसार इन समस्त देवी देवताओं के पूजन के दौरान यदि विशेष मंत्रों का उच्चारण किया जाए तो यह अति शुभ अति शीघ्र फलदाई होते हैं। करवा चौथ के पूजन में इन मंत्रों का जाप आवश्यक रूप से किया जाना चाहिए । ताकि पूजन सफल एवं फलदाई हो। माता पार्वती भगवान शिव कार्तिकेय भगवान गणेश और चंद्रमा पूजन के समय मंत्र जाप करना पूजन को सफल बनाना है।
आइए जानते हैं किस देवी और किस देवता के लिए कौन से मंत्र बोले जाने चाहिए -
माता पार्वती के लिए ओम शिवाय नमः
भगवान शिव के लिए ओम नमः शिवाय
भगवान कार्तिकेय के लिए ओम षण्मुखाय नमः
भगवान गणेश के लिए ओम गणेशाय नमः
चंद्रमा के लिए ॐ सोमाय नमः
इन मंत्रों का जाप यदि निरंतर पूजन के दौरान किया जाए तो पूजन सफल के साथ श्रेष्ठ होता है और शीघ्र फलदाई होता है। इसके अलावा कुल देवी देवताओं का आवाहन करना भी सुखद और शुभ माना जाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी दिन करवा नामक स्त्री ने अपने मृत पति को पुनर्जीवित किया था। उसके छोटे भाई की ठिठोली कहें या भाई का प्रेम उसे अटल सुहाग मैं सहायक बना। इस बार रविवार को यानी 8 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत सुहागिनों द्वारा रखा जाएगा। वही कुंवारी कन्याएं सुयोग्य पति की चाहत में यह व्रत रखेंगे।
Published on:
05 Oct 2017 02:54 pm
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