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यह शहर है बैग वाला : लेडीज, स्पोर्ट्स, एडवोकेट्स बैग निर्माण शहर को बना सकता है बड़ा बाजार

जबलपुर में बने बैग का मप्र, छग और ओडिसा तक सीमित बाजार  

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Heavy school bag

Heavy school bag

जबलपुर। बैग का उपयोग अलग-अलग काम में होता है। उसी के अनुरूप इन्हें तैयार किया जाता है। जबलपुर की बैग इंडस्ट्री भी इन्हें तैयार करती है। इसलिए इनकी मांग हमेशा रहती है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा तक इसका मार्केट है। तकनीक और मशीनरी में अपग्रेडेशन हो जाए, तो लेडीज-स्पोर्ट्स-एडवोकेट्स बैग भी शहर में बड़े पैमाने पर बन सकते हैं। इससे यहां रोजगार भी खूब बढ़ जाएंगे। इससे निवेश के साथ लोगों को रोजगार का नया जरिया मिलेगा।

अभी ज्यादातर निर्माता स्कूल बनाते हैं। इनमें भी 70 प्रतिशत उत्पादन घरों में होता है। यूनिट के रूप में काम 30 प्रतिशत तक होता है। शहर में 20 से अधिक बडे़ निर्माता हैं। इनकी अपनी यूनिट हैं, जिनमें 50 से 60 लोगों को सीधा रोजगार मिला है। बाकी साधारण मशीनों पर घरों में बैग तैयार कराए जाते हैं। बडे़ निर्माता और थोक कारोबारी इन्हें लेकर इनकी सप्लाई कई जिलों में करते हैं।

जबलपुर में सभी प्रकार के बैग बनते हैं। कुछ क्षेत्रों में बेहतर सम्भावनाएं हैं। लेडीज बैग, एडवोकेट्स बैग, स्पोर्ट्स बैग निर्माण को व्यापक रूप दिया जा सकता है। जबलपुर में ही 15 हजार से ज्यादा वकील हैं। उन्हें अपनी केस से जुड़ी फाइलों के लिए इसकी जरूरत पड़ती है। इसी प्रकार वाद्य यंत्र, खेलकूद सामग्री और साउंड सिस्टम रखने वाले बैग बन सकते हैं।

नई मशीनरी की होगी जरूरत

अभी ज्यादातर काम परम्परागत मशीनों पर होता है। इन्हें अपग्रेड करना जरूरी है। अब इस क्षेत्र में अत्याधुनिक मशीनों से काम होता है। टेलरिंग मशीनों से सिलाई की गुणवत्ता बेहतर होती है। बैग निर्माताओं ने बताया कि वे अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। लेकिन, शासन को भी इस मार्केट को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग करना पडे़गा। इकाइयों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने का प्रयास होना चाहिए।


बैग इंडस्ट्री में व्यापक सम्भावनाएं हैं। इनकी मांग हर क्षेत्र में रहती है। जबलपुर में लम्बे समय से यह काम हो रहा है। निर्माताओं को नई तकनीक और बाजार ढूंढना होगा। इसमें चेम्बर पूरा सहयोग करेगा।

प्रेम दुबे, कार्यकारी अध्यक्ष, जबलपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री


शहर की बैग इंडस्ट्री को पहचान दिलाने के लिए जो सम्भव हो सकता है, वह प्रयास चेम्बर की तरफ से किया जाएगा। निर्माताओं को संगठित होकर इस दिशा में काम करना होगा।
शंकर नाग्देव, मानसेवी मंत्री, महाकोशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री