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फ्लाईओवर निर्माण के लिए भू-अर्जन की राह खुली

जबलपुर में चल रहा निर्माण कार्य, प्रदेश शासन ने जारी किए 160 करोड़ रुपए : 382 भवन हैं जद में  
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ये है स्थिति
- 161.43 करोड़ रुपए मिले हैं शासन से भू-अर्जन, पोल, पाइप लाइन व ड्रेनेज शिफ्टिंग के लिए
- 09 करोड़ रुपए से होगी 07 किमी लम्बी राइजिंग व सप्लाई लाइन की शिफ्टिंग
- 350 बिजली पोल की शिफ्टिंग पर खर्च होंगे सात करोड़ रुपए

जबलपुर। दमोहनाका से मदन महल के बीच बनाए जा रहे फ्लाईओवर के रूट में भू-अर्जन की राह खुल गई है। इसके लिए प्रदेश शासन ने 160.43 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। जबलपुर में फ्लाईओवर रूट पर 382 भवन स्वामियों से भू-अर्जन किया जाना है। पानी की पाइप लाइन, ड्रेनेज, सीवर लाइन व बिजली के पोल की शिफ्टिंग भी होनी है। यूटिलिटी शिफ्टिंग नहीं होने से अभी तक फ्लाईओवर के आरंभ स्थल छोर पर काम शुरू नहीं हो सका है, जबकि एलआइसी से महानद्दा के बीच काफी काम हो चुका है। निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार भू-अर्जन व यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए राशि मिलने के बाद काम में तेजी आएगी। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि दमोहनाका से रानीताल के बीच सुगम यातायात के लिए फ्लाईओवर का तेजी से निर्माण जरूरी है।

निर्माण एजेंसी ने बारिश का सीजन शुरू होने से पहले पाइप लाइन, ड्रेनेज सिस्टम, सीवर लाइन व बिजली के पोल शिफ्ट करने का लक्ष्य रखा है। पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री गोपाल गुप्ता ने बताया कि फ्लाईओवर के रूट में भू-अर्जन, यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए प्रदेश शासन से राशि मिल गई है। अप्रेल-मई में ये काम किए जाएंगे, जिससे बारिश शुरू होने से पहले काम पूरा हो जाए।