प्रेमशंकर तिवारी@ जबलपुर। घनघोर बारिश के लिए पहचाना जाने वाला आषाढ़ का महीना बीत रहा है। मानसून है कि अपना जलवा दिखाने का नाम ही नहीं रहा..। बस एक दिन बाद सावन दस्तक देने वाला है, जो सूखा नजर आ रहा है। बारिश को लेकर मौसम विज्ञानियों का अपना मत है। मौसम विज्ञान केन्द्र ने पहले अच्छी वर्षा होने का पूर्वानुमान जाहिर किया था, लेकिन बाद में फिर से संकेत दिए चक्रवाती हवा के प्रभाव से एमपी में सिस्टम गड़बड़ा गया है। हवा के निम्न दाब का क्षेत्र नहीं बन पा रहा है, इस वजह से बारिश बाधित हो रही है। आपको बता दें कि सदियों पूर्व हमारे मनीषी बारिश का अपने अंदाज में पूर्वानुमान लगाते थे। एक कहावत में कहा गया है कि यदि आषाढ़ माह शुक्ल पक्ष की नवमीं यानी भड़ली नवमीं को बारिश नहीं हो तो पूरे चार माह खंड वृष्टि ही रहती है।