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अदालत में हाजिर नहीं हुए वकील, हाईकोर्ट में सन्नाटा, ये है वजह

स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोला
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जबलपुर

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Deepankar Roy

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Updated: 12 Apr 2018, 1:43 PM IST

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जबलपुर। स्टेट बार काउंसिल के हड़ताल वापस लेने के निर्णय के बीच गुरुवार को वकीलों ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट और जिला कोर्ट में कामकाज ठप कर दिया। मप्र हाईकोर्ट व जिला बार एसोसिएशन सहित अन्य अधिवक्ता संघों ने स्टेट बार काउंसिल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बार काउंसिल अध्यक्ष शिवेंद्र उपाध्याय पर निजी स्वार्थ व मनमानी का आरोप लगाया। वकीलों की हड़ताल का असर हाईकोर्ट की मुख्यपीठ से लेकर जिला कोर्ट तक नजर आया। दोनों न्यायालय परिसर में आम दिनों की अपेक्षा सन्नाटा पसरा रहा। इससे पहले वकीलों ने बुधवार की शाम को भी बार काउंसिल अध्यक्ष के खिलाफ उनके दफ्तार के सामने विरोध प्रदर्शन किया।

निजी स्वार्थ से नाराज
हड़ताल पर गए वकील स्टेट बार काउंसिल के आंदोलन वापिसी के फैसले को एकतरफा बता रहा है। वकीलों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि उनकी एक भी मांग पूरी नहीं हुई, लेकिन बार काउंसिल अध्यक्ष ने निजी स्वार्थ के चलते हड़ताल वापस ले ली। इसके चलते वकीलों का गुस्सा अब बार काउंसिल अध्यक्ष के हड़ताल पर रवैये को लेकर बढ़ गया है। बार के फैसले पर असहमति जताते हुए वकील गुरुवार को वकील जिला अदालत व हाईकोर्ट की मुख्यपीठ में पैरवी करने के लिए नहीं गए।

एक लाख वकीलों से धोखा
गुरुवार को हड़ताल की घोषणा से पहले बुधवार को मप्र हाईकोर्ट व जिला बार एसो. के पदाधिकारियों, सदस्यों की जिला अधिवक्ता संघ लाइब्रेरी में बैठक हुई। बैठक में जिला बार सचिव मनीष मिश्रा ने स्टेट बार काउंसिल के हड़ताल वापस लेने के निर्णय को प्रदेश के 1 लाख वकीलों से विश्वासघात करार दिया।

बार के सदस्य लाएंगे अविश्वास प्रस्ताव
हाईकोर्ट बार सचिव शशांक शेखर ने आह्वान से सहमति जताते हुए कहा कि न तो हड़ताल के पूर्व बार की राय ली गई और न ही समाप्त करने के पूर्व। उन्होंने आग्रह कि या कि इसके लिए बार के सदस्य उपाध्याय के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएं।

मनमानी से क्षुब्ध
अध्यक्ष आदर्शमुनि त्रिवेदी ने कहा कि वे बार काउंसिल अध्यक्ष उपाध्याय की मनमानी से क्षुब्ध हैं। उन्होंने हडताल वापस लेने को स्वार्थ से प्रेरित बताया। उन्होंने सीधी में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए बैठक में लिए गए हडताल के फैसले को सही बताया।

कार्यालय में तालाबंदी, तोडफ़ोड़
बुधवार को जिला एवं हाईकोर्ट बार के पदाधिकारियों की अगुवाई में सैकड़ो वकीलों ने स्टेट बार काउंसिल के कार्यालय का घेराव कर दिया। कार्यालय के समक्ष जमकर नारेबाजी के बाद गेट में तालाबंदी कर दी गई। काउंसिल के कार्यकारी सचिव मुकेश मिश्रा ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कई प्रदर्शनकारी कार्यालय में भी घुसे, जहां उन्होंने तोडफ़ोड़ की। मिश्रा ने कहा कि अध्यक्ष के निर्देशानुसार तोडफ़ोड करने वाले व मुख्यद्वार पर ताला जडऩे वाले वकीलों की शिनाख्त करने के बाद उनकी सनद निलंबित की जाएगी।