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शराब ठेका: ठेकेदारों ने शराब दुकानों से फिर बनाई दूरी, इन दुकानों का नहीं हुआ ठेका

शराब ठेका: ठेकेदारों ने शराब दुकानों से फिर बनाई दूरी, इन दुकानों का नहीं हुआ ठेका  

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liquor shops auction : शराब के 102 समूह 36% अधिक दामों पर नीलाम, जानिये शेष दुकानों की कब होगी नीलामी

liquor shops auction : शराब के 102 समूह 36% अधिक दामों पर नीलाम, जानिये शेष दुकानों की कब होगी नीलामी

जबलपुर। जिले में शराब दुकानों का ठेका लेने में ठेकेदार रुचि नहीं ले रहे हैं। दूसरे चरण के टेंडर में मंगलवार को 24 समूहों की बोली लगनी थी, लेकिन चार समूहों की दुकानों का ही निष्पादन हो सका। इनके अंतर्गत करीब 13 देशी-विदेशी शराब दुकानें हैं।

ठेका प्रक्रिया- दूसरे चरण के टेंडर में चार समूहों से नाम तय, 20 समूहों की दुकानें बाकी
ठेका मिलने का इंतजार
इस बीच 20 समूहों की दुकानों को ठेकेदार मिलने का इंतजार है। ऐसी स्थिति में आबकारी विभाग की चिंता बढ़ गई है। उसे तीसरे चरण का टेंडर बुलाना पडेग़ा, जिससे जिले के लिए तय राजस्व लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। 24 समूहों में से चार समूहों के लिए पांच टेंडर फॉर्म आए थे। उनमें स चार को टेंडर प्राप्त हो गया। इस बार भी ठेकेदारों की पसंद ग्रामीण इलाका रहा। इन चार समूहों में एक अधारताल है। इसके अंतर्गत तीन दुकानें आती हैं। दूसरे समूह में सिहोरा है जिसमें तीन दुकानें हैं। तीसरे समूह में कुंडम में चार और चौथे समूह बघराजी में तीन दुकानें हैं। दूसरे चरण की टेंडर प्रक्रिया में शहरी क्षेत्र की केवल तीन दुकानें ही फाइनल हो सकी हैं। शेष ग्रामीण क्षेत्र की हैं।

IMAGE CREDIT: patrika

ज्यादा मूल्य मिला
आबकारी विभाग के अनुसार चार समूहों का आरक्षित मूल्य 44 करोड़ 23 लाख 72 हजार 321 रुपए था। लेकिन, विभाग को 45 करोड़ 45 लाख 84 हजार 553 रुपए मिले। यह आरक्षित मूल्य से करीब 2.7 प्रतिशत अधिक है। इस बीच दोनों चरणों को मिलाकर जिले के कुल 45 समूहों में से 25 समूहों का निष्पादन हो चुका है। इनका कुल आरक्षित मूल्य करीब 297 करोड़ 82 लाख रुपए रखा गया है।

713 करोड़ से ज्यादा का है जिला
जिले की सभी 143 शराब दुकानों को 45 समूहों में विभाजित किया गया है। कुल आरक्षित मूल्य 713 करोड़ रुपए से अधिक है। दूसरे चरण की टेंडर प्रक्रिया में आरक्षित मूल्य पर अभी तक लगभग 42 फीसदी का ठेका हुआ है। अभी भी लगभग 58 प्रतिशत राजस्व प्राप्त करने के लिए समूहों का टेंडर होना है।

शराब दुकानों के दूसरे चरण की टेंडर प्रक्रिया में चार समूहों का निष्पादन हुआ है। इन समूहों को जो आरक्षित मूल्य था, विभाग को उससे 2.7 प्रतिशत अधिक वार्षिक मूल्य प्राप्त हुआ है। 20 समूहों के लिए अगले चरण की टेंडर प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी।
- रविंद्र मानिकपुरी, सहायक आबकारी आयुक्त