
construction of flyover
जबलपुर। शहर को महानगर का रूप देने के साथ यातायात के दबाव को कम करने के उद्देश्य से बनाए जा रहे दमोह नाका-मदन महल फ्लाईओवर का निर्माण राहगीरों की जान दांव पर लगाकर किया जा रहा है। यहां पूरे निर्माण क्षेत्र में न तो सुरक्षा से जुड़े कोई संकेतक देखने मिल रहे हैं और न ही ऐसी कोई व्यवस्था की गई है जो आमजनों को दुर्घटना से बचा सके।
बिना सुरक्षा संकेतों और व्यवस्थाओं के चालू मार्ग में चढ़ा रहे कई टन वजनी स्लैब
शनिवार को आगा चौक के पास फ्लाईओवर में टनों वजनी स्लैब चढ़ाने का काम किया जा रहा था। इस दौरान नीचे से आम राहगीरों के वाहन गुजर रहे थे। वहीं काम करवा रहे कंपनी के अधिकारियों ने पूरा काम मजदूरों के भरोसे छोड़ दिया था। परिणाम स्वरूप हवा में क्रेन के भरोसे लटके स्लैब के नीचे से आमजन आ जा रहे थे। पूछने पर कर्मचारियों ने कहा यहां कोई खतरा नहीं है, इसलिए किसी को रोका नहीं जा रहा है। बात करने के लिए निर्माण करने वाली कंपनी का कोई जिम्मेदार इंजीनियर या अधिकारी मौजूद नहीं था।
हटा दी गईं टीन की दीवारें
एक पखवाड़े पहले तक निर्माण कार्य की जगह भारी भरकम टीन की दीवारें लगी रहीं। जो लोगों को निर्माण क्षेत्र से गुजरने वालों की सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी थीं। लेकिन अब इन टीन की दीवारों को हटा लिया गया है, जिससे वाहन सीधे भारी भरकम निर्माणाधीन स्ट्रक्चर के नीचे से ही निकल रहे हैं। जो कि बड़ा खतरा है।
रात का काम दिन में हो रहा
कुछ दिनों पहले तक फ्लाईओवर में बीम और स्लैब डालने का काम रात 9 बजे के बाद ही शुरू होता था, जो अब दिन में ही भीड़भाड़ की मौजूदगी में ही किया जा रहा है। इससे न केवल आमजनों की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लग गया है, बल्कि मशीनों को ऑपरेट करते समय मजदूरों की जान पर भी खतरा खुलेआम देखा जा सकता है।
जानकारी ले रहे हैं
यह बडी लापरवाही हैं, मैंने तत्काल इस काम को बंद करवा दिया है। बिना सुरक्षा व्यवस्था के काम कैसे हो रहा है, इसकी भी जानकारी ली जा रही है।
- गोपाल गुप्ता, कार्यपालन अभियंता, पीडब्ल्यूडी
Published on:
12 Jul 2022 11:18 am
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