जबलपुर. दसवें राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रहलाद पटेल ने सोमवार को कहा कि देश के गांव-गांव में क्षेत्रीय कलाकारों की मैपिंग की जाएगी। अपनी संस्कृति को एक बार फिर वैश्विक पहचान दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव का आयोजन संस्कारधानी में होने से सही मायने में इसकी सार्थकता सिद्ध हुई है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा..गांव-गांव में होगी क्षेत्रीय कलाकारों की मैपिंग, संस्कृति को फिर दिलाएंगे वैश्विक पहचान
क्षेत्रीय कलाकारों को भी मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
पटेल ने कहा कि इस मंच पर न सिर्फ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्यातिलब्ध कलाकारों को मौका दिया जा रहा है, बल्कि विभिन्न प्रदेशों के क्षेत्रीय कलाकारों को भी राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास किया है।

दुनिया में चमक सकता है चौंसठ योगिनी मंदिर
सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए केंद्रीय संस्कृति मंत्री पटेल ने कहा कि जबलपुर से 200 किमी के दायरे में कई नेशनल पार्क व टाइगर रिजर्व हैं। यहां की ऐतिहासक, सांस्कृति विरासत को देखते हुए जबलपुर पर्यटन हब बनाने के लिए उपयुक्त स्थान है। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर यहां का 64 योगिनी मंदिर जैसा महत्वपूर्ण स्थान दुनिया के क्षितिज पर चमक सकता है। इस दौरान राज्यपाल टंडन ने भी जबलपुर व समीपी क्षेत्रों की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक धरोहर को विश्व के सामने लाने की जरूरत बताई।

शायराना हुए राज्यपाल
इसके पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन ने इकबाल का शेर ‘ यूनान, मिश्र, रोम सब मिट गए जहां से, कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी ’ पढ़ते हुए कहा कि कई सभ्यताएं और संस्कृति समय के साथ खत्म हो गईं। लेकिन यह भारतीय संस्कृति की विशिष्टता ही है कि आम जनमानस से लेकर सुदूर जंगलों में बसे आदिवासी तक अपनी संस्कृति को बचाए हुए हैं।
डुमना विमानतल पर राज्यपाल का हुआ स्वागत
राज्यपाल लालजी टण्डन का सुबह तकरीबन 11.30 बजे भोपाल से विशेष विमान द्वारा डुमना आगमन हुआ। विमानतल पर उनकी अगवानी संभागायुक्त राजेश बहुगुणा ने की । पुलिस महानिरीक्षक विवेक शर्मा, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति कपिलदेव मिश्र, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति पी डी जुयाल, कलेक्टर भरत यादव, पुलिस अधीक्षक अमित सिंह, नगर निगम आयुक्त आशीष कुमार मौजूद थे। राज्यपाल को सर्किट हॉउस में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।