17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फिर लॉकडाउन की ओर बढ़ रहा शहर, जबलपुर में कल सब कुछ बंद

जिले के नगर निगम क्षेत्र अनलॉक-2 के तहत मिली अधिकांश छूटों पर रविवार को प्रतिबंध रहेगा। सीओडी, थलसेना वर्कशॉप और सैन्य क्षेत्र में बंद रही आवाजाही

2 min read
Google source verification
photo_2020-07-11_18-55-38.jpg

Lockdown may happen in Jabalpur, everything is closed tomorrow

जबलपुर. कोरोना से बचाव सम्बन्धी सावधानियों की अनदेखी के चलते जबलपुर फिर लॉकडाउन की ओर बढ़ रहा है. जबलपुर में रविवार को सब कुछ बंद रहेगा। वहीँ कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए हेड क्वार्टर मध्यभारत एरिया के अंतर्गत आने वाले सैन्य प्रशिक्षण संस्थान और कार्यालयों के अलावा सुरक्षा संस्थानों में शनिवार को लॉकडाउन रहा। रविवार के दिन भी यहां किसी प्रकार की गतिविधियां नहीं होंगी।
इस बीच सेंट्रल ऑर्डनेंस डिपो (सीओडी) और 506 थलसेना वर्कशॉप में भी कोई काम नहीं हुआ। 506 आर्मी बेस वर्कशॉप में भी एक व्यक्ति का संदेह के आधार पर सेंपल लिया गया है। दि ग्रेनेडियर्स रेजीमेंटल सेंटर, वन सिग्नल टे्रनिंग सेंटर, जम्मू एंड कश्मीर रायफल्स, कॉलेज ऑफ मटैरियल मैनेजमेंट, 506 थलसेना वर्कशॉप और सेंट्रल ऑर्डनेंस डिपो में लाकडाउन रखा गया है। यह रविवार तक लागू रहेगा।
हर गेट पर सुरक्षा सख्त
लॉकडाउन को लेकर सभी सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों के प्रवेशद्वार पर अतिरिक्त सुरक्षा लगाई गई। आपात स्थिति को छोडकऱ सैन्य कर्मियों ने किसी भी अधिकारी और सेना के जवानों के अलावा स्टाफ की आवाजाही पर भी रोक लगाई। इसी तरह कार्यालय, यूनिट और वाहनों को सेनिटाइज करने का काम भी चला।
..........................................................
शहर में आज दुकानें रहेंगी बंद
जिले के नगर निगम क्षेत्र अनलॉक-2 के तहत मिली अधिकांश छूटों पर रविवार को प्रतिबंध रहेगा। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी भरत यादव ने इस संबंध में संशोधित आदेश जारी किया था। इसके अंतर्गत सभी फल एवं सब्जी की दुकानें बंद रहेंगी। जनरल स्टोर्स को भी इसमें शामिल किया गया है। इसी प्रकार निजी कार्यालय बंद रहेंगे। अति आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों को छोडकऱ शेष दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों पर रेाक रहेगी। दूध, गैस एजेंसी, दवा दुकानें, पेट्रोल पंप आदि को प्रतिबंध से छूट मिली है। जिनके घरों में पूर्व में शादियां तय हुई थीं, वहां भी वर एवं वधु सहित केवल 50 लोगों को आयोजन में शामिल